SIP VS Step-Up SIP: एक ही निवेश पर दोगुना रिटर्न! सीखिए 1 करोड़ बनाने का सबसे फास्ट फॉर्मूला

निवेश को लेकर आपको एक स्मार्ट फैसला आपकी वेल्थ को दोगुना कर सकता है। इसके लिए आपको SIP और Step Up SIP के बीच का अंतर समझना होगा।

SIP vs Step Up SIP: म्यूचुअल फंड में एसआईपी (Systematic Investment Plan) को लंबे समय में संपत्ति बनाने का एक प्रभावी तरीका माना जाता है। अक्सर निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे हर महीने एक निश्चित राशि SIP में निवेश करें और लंबे समय तक निवेश जारी रखें। लेकिन फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि केवल एक निश्चित राशि का निवेश करना ही पर्याप्त नहीं है। अगर निवेशक समय-समय पर अपनी SIP राशि बढ़ाते रहें, तो अंतिम कॉर्पस में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है। दरअसल, कई निवेशक कंपाउंडिंग की ताकत को तो समझते हैं, लेकिन महंगाई और बढ़ती जीवनशैली की लागत के प्रभाव को नजरअंदाज कर देते हैं। यही वजह है कि लंबे समय तक एक ही राशि की SIP जारी रखने से अपेक्षित लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो सकता है।

SIP VS Step Up SIP

SIP VS Step Up SIP (AI Generated Image)

क्या होती है Step-Up SIP?

सबसे पहले तो यही समझें कि Step-Up SIP क्या होती है? Step-Up SIP को Top-Up SIP भी कहा जाता है, ऐसी व्यवस्था है, जिसमें निवेशक हर साल अपनी SIP राशि को एक निश्चित प्रतिशत या तय रकम से बढ़ाता है। मान लें कि कोई व्यक्ति 5,000 की SIP शुरू करता है और हर साल इसमें 10% की बढ़ोतरी करता है, तो समय के साथ उसका निवेश काफी तेजी से बढ़ सकता है।

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