CPI Inflation Feb 2026: तेल बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और सप्लाई दबाव के बीच महंगाई ने फिर सिर उठाया है। फरवरी 2026 में खुदरा महंगाई बढ़कर 3.21% पर पहुंच गई। खाने-पीने की चीजों में आई तेजी ने महंगाई को ऊपर धकेला, जिससे आम लोगों की जेब पर खर्च का दबाव और बढ़ता दिखाई दे रहा है।
खाना पीना महंगा हुआ
फरवरी में बढ़ी खुदरा महंगाई
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2026 में देश की खुदरा महंगाई दर 3.21% रही। जनवरी में यह 2.74% थी, यानी एक महीने में महंगाई करीब 47 बेसिस प्वाइंट बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 3.37% और शहरी क्षेत्रों में 3.02% दर्ज की गई, जिससे स्पष्ट है कि महंगाई का असर पूरे देश में महसूस किया जा रहा है।
खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाया दबाव
फरवरी में फूड इन्फ्लेशन 3.47% दर्ज किया गया, जो कुल खुदरा महंगाई से भी ज्यादा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 3.46% और शहरी क्षेत्रों में 3.48% रही। खाने-पीने की वस्तुएं महंगाई की टोकरी में सबसे बड़ा हिस्सा रखती हैं, इसलिए इनमें आई तेजी सीधे तौर पर घरों के मासिक बजट को प्रभावित करती है।
कई वस्तुओं में तेज महंगाई
डेटा के अनुसार कुछ वस्तुओं में बेहद तेज महंगाई देखने को मिली। सिल्वर ज्वेलरी में सालाना आधार पर करीब 160.84% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि गोल्ड और डायमंड ज्वेलरी की कीमतों में 48% से ज्यादा की बढ़ोतरी रही। इसके अलावा नारियल (कोप्रा), टमाटर और फूलगोभी जैसी वस्तुओं में भी 40% से अधिक महंगाई दर्ज की गई, जिसने कीमतों के दबाव को बढ़ाया।
कुछ सब्जियों में मिली राहत
हालांकि महंगाई के बीच कुछ खाद्य वस्तुओं में गिरावट भी देखी गई। लहसुन की कीमतों में करीब 31% की कमी आई, जबकि प्याज लगभग 28% और आलू करीब 18% सस्ते हुए। अरहर दाल की कीमतों में भी सालाना आधार पर करीब 16% गिरावट दर्ज की गई, जिससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है।
राज्यों में महंगाई की अलग तस्वीर
राज्य स्तर पर महंगाई के आंकड़े अलग-अलग तस्वीर दिखाते हैं। फरवरी में तेलंगाना में करीब 5% महंगाई दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है। इसके अलावा राजस्थान, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी महंगाई अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर बनी रही, जबकि कुछ राज्यों में यह औसत से कम दर्ज की गई।
क्या सस्ता हुआ क्या महंगा?
जनवरी के मुकाबले फरवरी में सोना-चांदी के गहनों और फूलगोभी में महंगाई और बढ़ी है, जबकि टमाटर और नारियल में महंगाई कुछ कम हुई है। दूसरी तरफ लहसुन, आलू और अरहर जैसी वस्तुएं अभी भी सस्ती हैं, लेकिन जनवरी की तुलना में इनकी गिरावट थोड़ी कम हो गई है, यानी कीमतों में हल्की रिकवरी दिख रही है।| रैंक | सबसे महंगे आइटम | फरवरी महंगाई (%) | जनवरी (%) | बदलाव (बढ़त/गिरावट) | सबसे सस्ते आइटम | फरवरी महंगाई (%) | जनवरी (%) | बदलाव (बढ़त/गिरावट) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | सिल्वर ज्वेलरी | 160.84 | 160.12 | +0.72 | लहसुन | -31.09 | -53.03 | +21.94 |
| 2 | गोल्ड/डायमंड/प्लैटिनम ज्वेलरी | 48.16 | 46.80 | +1.36 | प्याज | -28.20 | -29.30 | +1.10 |
| 3 | नारियल (कोप्रा) | 46.16 | 47.17 | -1.01 | आलू | -18.46 | -28.98 | +10.52 |
| 4 | टमाटर | 45.29 | 64.58 | -19.29 | अरहर (तूर) दाल | -16.00 | -24.90 | +8.90 |
| 5 | फूलगोभी | 43.77 | 37.83 | +5.94 | लीची | -11.52 | -12.67 | +1.15 |
मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि फिलहाल महंगाई अभी भी आरबीआई के लक्ष्य दायरे के भीतर है, लेकिन खाद्य कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तेल बाजार की अनिश्चितता आगे के महीनों में महंगाई के रुख को प्रभावित कर सकती है। अगर आगे भी महंगाई का रुख ऐसा ही रहा, तो रिजर्व बैंक की तरफ से सस्त कर्ज की उम्मीदों को, तो झटका लगेगा ही, साथ ही कर्ज की दर बढ़ने का जोखिम भी बढ़ जाएगा।
