Retail Inflation: भारत की खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर में थोड़ी कम होकर 5.22 प्रतिशत रह गई, जो कि नवंबर में 5.48 प्रतिशत थी। खाद्य कीमतों में नरमी के कारण खुदरा मुद्रास्फीति कम हुई। इससे पहले अक्टूबर में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति 14 महीने के उच्चतम स्तर 6.2% पर पहुंच गई थी, जबकि खाद्य मुद्रास्फीति 15 महीने के उच्चतम स्तर 10.9% पर पहुंच गई थी। देश के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index) बास्केट में खाने की चीजों की कीमतों का लगभग आधा हिस्सा शामिल है, जिससे हाल के महीनों में मुद्रास्फीति ऊंची रही है। इसका असल कारण सब्जियों की कीमतों में लगातार उछाल रहा है, जो एक साल में ज्यादातर दोहरे अंकों में बढ़ी है।
खुदरा मुद्रास्फीति में कमी आई
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5 फीसदी के ऊपर बरकरार है महंगाई
दिसंबर में खुदरा महंगाई घटी, मगर ये लगातार चौथा महीना ऐसा रहा, जिसमें खुदरा महंगाई 5 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। मगर अच्छी बात ये है कि भारत की खाद्य मुद्रास्फीति चार महीनों में पहली बार 9 प्रतिशत से नीचे आ गयी। ये गिरकर 8.39 फीसदी पर आ गयी।
क्या हुआ महंगा और क्या सस्ता
- नवंबर में 6.9% की वृद्धि के बाद अनाज की कीमतें 6.51% पर रहीं
- मांस और मछली की मुद्रास्फीति पिछले महीने 4.7% की वृद्धि की तुलना में 5.3% थी
- दूध की मुद्रास्फीति पिछले महीने 2.9% की वृद्धि के बाद 2.8% बढ़ी
- दालों की मुद्रास्फीति पिछले महीने 5.4% की वृद्धि के बाद 3.83% बढ़ी
- कपड़ों और जूतों की मुद्रास्फीति पिछले महीने 2.8% की वृद्धि की तुलना में 2.74% बढ़ी
- पिछले महीने 2.9% की वृद्धि के बाद आवास की कीमतों में 2.71% की वृद्धि हुई
खाद्य और पेय पदार्थों की महंगाई दर
खाद्य और पेय पदार्थों की महंगाई दर दिसंबर में घटकर 7.69% हो गई, जो नवंबर में 8.2% थी। इसकी वजह सब्जियों की कीमतों गिरावट है, जो इसी अवधि में 29.33% से घटकर 26.56% रह गई है।
