अगर आप सुरक्षित निवेश के साथ गारंटीड रिटर्न चाहते हैं तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक है। खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए एफडी निवेश का भरोसेमंद माध्यम माना जाता है। इसी कड़ी में सरकारी बैंक Punjab & Sind Bank अपनी स्पेशल एफडी स्कीम पर आकर्षक ब्याज दरें पेश कर रहा है। बैंक सामान्य ग्राहकों के साथ-साथ सीनियर और सुपर सीनियर सिटिजन्स को भी अतिरिक्त ब्याज का लाभ दे रहा है। बैंक की ओर से कॉलेबल और नॉन-कॉलेबल दोनों तरह की स्पेशल एफडी योजनाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन योजनाओं में निवेश कर ग्राहक अपनी बचत पर बेहतर रिटर्न हासिल कर सकते हैं। आप बैंक की 444 दिन की एफडी स्कीम में निवेश कर सकते हैं।
पंजाब एंड सिंध बैंक 444 दिन की स्पेशल एफडी (Photo: iStock)
कॉलेबल FD पर कितना मिल रहा है ब्याज
Punjab & Sind Bank सामान्य ग्राहकों को 444 दिन की कॉलेबल एफडी पर 6.80 प्रतिशत की दर से ब्याज दे रहा है। वहीं, सीनियर सिटिजन्स को सामान्य ग्राहकों की तुलना में 0.50 प्रतिशत अधिक ब्याज मिलता है, जबकि सुपर सीनियर सिटिजन्स को 0.65 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज का लाभ दिया जा रहा है।
अगर कोई ग्राहक 5 लाख रुपये कॉलेबल एफडी में निवेश करता है तो उसे केवल मूलधन की सुरक्षा ही नहीं बल्कि अच्छा ब्याज भी प्राप्त होगा। इस कैलकुलेशन के हिसाब से सामान्य नागरिक को लगभग 42,800 रुपये, सीनियर सिटिजन को लगभग 46,000 रुपये और सुपर सीनियर सिटिजन को करीब 47,000 रुपये ब्याज के रूप में मिल सकते हैं।
नॉन-कॉलेबल FD में और ज्यादा फायदा
बैंक नॉन-कॉलेबल एफडी पर सामान्य ग्राहकों को 6.90 प्रतिशत की दर से ब्याज दे रहा है। यह दर कॉलेबल एफडी की तुलना में थोड़ी अधिक है। इसी वजह से निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलता है।
5 लाख रुपये के निवेश पर सामान्य नागरिक को लगभग 43,400 रुपये का अतिरिक्त ब्याज मिल सकता है। वहीं, सीनियर सिटिजन को लगभग 46,700 रुपये और सुपर सीनियर सिटिजन को करीब 47,700 रुपये तक ब्याज प्राप्त हो सकता है।
| कैटेगरी | कॉलेबल FD ब्याज दर | 5 लाख रुपये पर संभावित ब्याज | नॉन-कॉलेबल FD ब्याज दर | 5 लाख रुपये पर संभावित ब्याज |
|---|---|---|---|---|
| सामान्य नागरिक | 6.80% | लगभग ₹42,800 | 6.90% | लगभग ₹43,400 |
| सीनियर सिटिजन | 7.30% | लगभग ₹46,000 | 7.40% | लगभग ₹46,700 |
| सुपर सीनियर सिटिजन | 7.45% | लगभग ₹47,000 | 7.55% | लगभग ₹47,700 |
कॉलेबल और नॉन-कॉलेबल FD में क्या अंतर
कॉलेबल एफडी में निवेशक जरूरत पड़ने पर मैच्योरिटी से पहले अपनी राशि निकाल सकता है, हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें लागू हो सकती हैं। दूसरी ओर, नॉन-कॉलेबल एफडी में समय से पहले निकासी की सुविधा नहीं होती या बहुत सीमित होती है, लेकिन इसके बदले निवेशकों को अधिक ब्याज दर का लाभ मिलता है। यही वजह है कि जो निवेशक लंबे समय तक अपनी राशि निवेशित रख सकते हैं, उनके लिए नॉन-कॉलेबल एफडी बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।
हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि बैंक की ओर से एफडी रेट्स को समय-समय पर बदला जाता है। एफडी स्कीम में निवेश करने से पहले बैंक की ऑफिशियस वेबसाइट पर विजिट करना जरूरी है। इसके अलावा, यह भी ध्यान रखें पर एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर एक लिमिट के बाद टीडीएस कटता है।
