ITR भरने जा रहे हैं और इनकम है 12.5 लाख? इन गलतियों पर मिल जाएगा इनकम टैक्स का नोटिस

सरकार द्वारा किए गए बदलावों के चलते चालू वित्त वर्ष के लिए न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की आय कर मुक्त है। वहीं, सैलरीपेशा के लिए यह लिमिट 12.75 लाख रुपये है।

आयकर विभाग ने सभी इकनम टैक्स रिटर्न फॉर्म को नोटिफाई कर दिया है। इसके साथ ही ITR फाइल करने की शुरुआत हो गई है। इस वित्त वर्ष के लिए सरकार द्वारा किए गए बदलावों के चलते न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की आय टैक्स-मुक्त है। वहीं, वेतनभोगी करदाताओं के लिए, ₹75,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ टैक्स-फ्री लिमिट ₹12.75 लाख हो जाती है। अब सवाल उठता है कि अगर आपकी सालाना इनकम 12.5 लाख रुपये है तो किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

ITR Filling

आईटीआर फाइलिंग

टैक्सएक्सपर्ट का कहना है कि जिस किसी की सालाना कमाई ₹12.5 लाख है, उसे रिटर्न भरने में खास ख्याल रखना चाहिए। उसकी एक छोटी सी गलती भी उसे सीधे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के रडार पर ला सकती है। दरअसल, यह एक ऐसा मिडिल ग्राउंड है जहां बिना कैलकुलेशन किए ओल्ड या न्यू टैक्स रिजीम चुनना, या फिर टैक्स जीरो करने के चक्कर में फर्जी रेंट रसीदें (HRA) और जाली डोनेशन (Section 80G) क्लेम करना भारी पड़ सकता है, क्योंकि अब डिपार्टमेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए मकान मालिक के पैन कार्ड और बैंक ट्रांजैक्शन तक की कड़ाई से जांच कर रहा है। इतना ही नहीं, सालभर में ₹10 लाख से ऊपर का क्रेडिट कार्ड बिल, ₹30 लाख से अधिक की प्रॉपर्टी या ₹10 लाख से ज्यादा का म्यूचुअल फंड निवेश जैसे हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शंस की जानकारी बैंकों द्वारा SFT के जरिए इसरकार को दी जा रही है, जिससे टैक्स चोरी या डिफेक्टिव रिटर्न का पता आसानी से चल रहा है। उसी टैक्सपेयर्स को फिर नोटिस भेजा जा रहा है।

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