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बदल गए PF निकालने के नियम, जानिए इलाज, शादी और घर के लिए अब कितनी बार निकाल सकते हैं पैसा?

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों अकाउंट होल्डर को सहूलियत देने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। इससे निकासी से लेकर क्लेम प्रक्रिया आसान हो गई है।

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पीएफ निकासी के नए नियम जानें

EPF New withdrawal Rule: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने देशभर के करोड़ों ईपीएफ अकाउंट होल्डर को सहूलियत देने के लिए अपने नियम में बड़ा बदलाव किया है। नया नियम 29 जून से लागू हो गया है। नए नियम में सबसे बड़े बदलावों में से एक है पैसे निकालने के 13 अलग-अलग नियमों को मिलाकर सिर्फ तीन मुख्य कैटेगरी की गई है। इस बदलाव से पहले वाला सिस्टम बदल गया है, जिसमें पैसे निकालने के कई अलग-अलग नियम थे। आइए समझते हैं कि पैसे निकालने की नई कैटेगरी और कितनी बार पैसे निकाले जा सकते हैं।

EPF से पैसे निकालने के लिए अब 3 मुख्य कैटेगरी

नए नियमों के तहत, EPFO ने पैसे निकालने के मकसद के आधार पर एडवांस निकासी को अलग-अलग कैटेगरी में बांटा है।

कैटेगरी-1: जरूरी जरूरतें

इस कैटेगरी में बीमारी, पढ़ाई और शादी से जुड़े खर्च शामिल हैं।

बीमारी: सदस्य अपने या परिवार के पात्र सदस्यों के इलाज और हेल्थकेयर खर्चों के लिए पैसे निकाल सकते हैं। इस कैटेगरी के तहत पैसे निकालने की संख्या पर कोई लिमिट नहीं है।

शिक्षा: EPF से मिलने वाले एडवांस का इस्तेमाल सदस्य या परिवार के पात्र सदस्यों की पढ़ाई-लिखाई के खर्चों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है। सब्सक्राइबर अब अपनी EPF मेंबरशिप के दौरान 10 बार तक पैसे निकाल सकते हैं।

शादी: सदस्य अपनी या परिवार के पात्र सदस्यों की शादी से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए पैसे निकाल सकते हैं। बदले हुए नियमों के तहत, EPF मेंबरशिप के दौरान पांच बार तक पैसे निकालने की इजाजत है।

कैटेगरी-2: घर से जुड़ी जरूरतें

दूसरी कैटेगरी में घर से जुड़ी सभी मुख्य निकासी (withdrawals) को शामिल किया गया है।

सब्सक्राइबर इन कामों के लिए पैसे निकाल सकते हैं:

  • फ्लैट, घर या प्लॉट खरीदना
  • घर बनवाना
  • होम लोन चुकाना
  • घर की मरम्मत, बदलाव या सुधार करवाना

इस कैटेगरी के तहत सदस्य अपनी EPF मेंबरशिप के दौरान 5 बार तक पैसे निकाल सकते हैं, जिससे घर से जुड़े अलग-अलग प्रावधान एक ही आसान नियम के दायरे में आ जाते हैं।

कैटेगरी-3: खास हालात

तीसरी कैटेगरी खास हालात के लिए बनाई गई है, जैसा कि EPFO के सेंट्रल बोर्ड ने बताया है।

इस कैटेगरी में सब्सक्राइबर हर फाइनेंशियल ईयर में 2 बार पैसे निकाल सकते हैं।

12 महीने बाद 75% तक पैसे निकालने की इजाजत

नए नियमों में आंशिक निकासी (partial withdrawal) के लिए एक समान गाइडलाइन भी लागू की गई है।

EPF मेंबरशिप के 12 महीने पूरे होने के बाद, सब्सक्राइबर अपने EPF बैलेंस का 75% तक हिस्सा निकाल सकते हैं। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता (employer) दोनों का योगदान और उस पर जमा हुआ ब्याज शामिल होता है।

3 दिन में क्लेम का निपटारा होगा

पैसे निकालने की कैटेगरी को आसान बनाने के अलावा, EPFO ने क्लेम की पूरी प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया है। ऑनलाइन निकासी के योग्य दावों का निपटारा अब 3 दिनों के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे सदस्यों का इंतजार का समय कम हो जाएगा।

आधार-आधारित ऑनलाइन वेरिफिकेशन की वजह से दावा करने की प्रक्रिया भी पेपरलेस हो गई है, जिससे पहले जरूरी कई तरह के दस्तावेजों की जरूरत खत्म हो गई है।

हालांकि, नए नियम कें अंशधारकों को ज्यादा छूट मिलती है, लेकिन सदस्यों को आंशिक निकासी के बाद भी अपने पात्र EPF बैलेंस का कम से कम 25% हिस्सा बनाए रखना जरूरी है। इस नियम का मकसद यह पक्का करना है कि नौकरी के दौरान एडवांस लेने के बाद भी रिटायरमेंट की बचत का कुछ हिस्सा सुरक्षित रहे।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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