NSE Market Cap : ₹4.63 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ NSE लिस्ट होते ही देश की 9वीं सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। पहले ही दिन NSE ने Market Cap के लिहाज दे देश की टॉप 10 लिस्ट में बड़ी हलचल मचाते हुए HUL और Sun Pharma को पीछे छोड़ दिया है। NSE की टॉप 10 में एंट्री के साथ ही जहां, HUL टॉप 10 से बाहर हो गई है।
ब्रोकरेज का दावा 1 साल में 2000 पार जाएगा शेयर
NSE से ऊपर कौन-कौन?
Market-cap के लिहाज से NSE के आगे अब सिर्फ 9 कंपनियां हैं। 23 सितंबर की क्लोजिंग के हिसाब से देखें, तो करीब ₹16.89 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ Reliance Industries सबसे ऊपर पहले पायदान पर है। इसके बाद HDFC Bank, Bharti Airtel, ICICI Bank, State Bank of India, TCS, Bajaj Finance और Larsen & Toubro का नंबर आता है। ₹1,785 के IPO Price पर NSE का वैल्यूएशन करीब ₹4.42 लाख करोड़ था, लेकिन लिस्टिंग के तुरंत बाद शेयर में आई करीब 5 फीसदी की तेजी ने कंपनी के वैल्यूएशन को और बढ़ा दिया है। वहीं, NSE की लिस्टेड पीयर कंपनी BSE का मार्केट कैप करीब ₹1.33 लाख करोड़ है। Hindustan Unilever (HUL) का मार्केट कैप 23 सितंबर को ₹4.58 लाख करोड़ रहा। इस तरह NSE ने इसे टॉप 10 से बाहर कर दिया है।
| Rank | कंपनी | Market Cap |
|---|---|---|
| 1 | Reliance Industries | ₹16.89 लाख करोड़ |
| 2 | HDFC Bank | ₹11.35 लाख करोड़ |
| 3 | Bharti Airtel | ₹11.17 लाख करोड़ |
| 4 | ICICI Bank | ₹9.61 लाख करोड़ |
| 5 | State Bank of India (SBI) | ₹9.18 लाख करोड़ |
| 6 | TCS | ₹7.56 लाख करोड़ |
| 7 | Bajaj Finance | ₹6.49 लाख करोड़ |
| 8 | Larsen & Toubro (L&T) | ₹5.41 लाख करोड़ |
| 9 | LIC | ₹5.15 लाख करोड़ |
| 10 | NSE | ₹4.63 लाख करोड़ |
कैसी रही लिस्टिंग?
NSE के शेयर BSE पर ₹1,800 पर लिस्ट हुए, जो ₹1,785 के इश्यू प्राइस से सिर्फ 0.84% ज्यादा था। इस तरह बाजार में शुरुआत भले ही मामूली प्रीमियम के साथ हुई, लेकिन जैसे ही स्टॉक्स का कारोबार शुरू हुआ शेयर का भाव ₹1,878 तक पहुंच गया। लिस्टिंग के बाद शेयर ने इश्यू प्राइस की तुलना में करीब 5.2% की बढ़त दर्ज की। IPO के बाद NSE के लिए अब असली परीक्षा यह होगी कि उसका वैल्यूएशन किस स्तर पर टिकता है।
शेयर की सप्लाई रहेगी कम?
Market participants का कहना है कि शुरुआती दिनों में NSE के शेयर का मूवमेंट डिमांड-सप्लाई डायनेमिक्स से प्रभावित हो सकता है। क्योंकि, लिस्टिंग के समय प्री-इश्यू कैपिटल का सिर्फ करीब 5.48% हिस्सा फ्री ट्रेड के लिए उपलब्ध होगा, जिससे शुरुआती सप्लाई सीमित रह सकती है। SEBI के नियमों के मुताबिक IPO से पहले मौजूद कई नॉन प्रमोटर शेयरहोल्डर अपने शेयर 6 महीने तक नहीं बेच सकते हैं।
ब्रोकरेज ने दिया बड़ा टारगेट
Macquarie ने NSE पर कवरेज शुरू करते हुए आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है। इसके साथ ही ₹1,965 का टारगेट दिया है। Brokerage का कहना है कि NSE की मजबूत बाजार हिस्सेदारी, टेक लीडरशिप, लिक्विडिटी और डायवर्सिफाइड रेवेन्यू सोर्सेज इसकी ताकत हैं। वहीं, Emkay ने भी NSE पर Buy rating के साथ एक साल के लिए ₹2,050 target दिया है।
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