Swiggy Layoffs: खाने और किराने का सामान डिलीवर करने वाला प्लैटफॉर्म स्विगी भी छंटनी कर सकता है। छह हजार लोगों के स्टाफ वाली यह कंपनी अपने आठ से 10 फीसदी वर्कफोर्स (600 के आसपास कर्मचारी) को कम कर सकती है। गुरुवार (19 जनवरी, 2023) को यह दावा अंग्रेजी बिजनेस अखबार 'दि फाइनैंशियल एक्सप्रेस' की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से किया गया। रोचक बात यह है कि डिलीवरी प्लैटफॉर्म की ओर से छंटनी के कयास से जुड़ी खबर तब सामने आई है, जब वह अपने आईपीओ आने से पहले मुनाफे की ओर बढ़ना चाह रही है। जॉब कट से प्रोडक्ट, इंजीनियरिंगऔर ऑपरेशंस डिविजंस के लोग प्रभावित होंगे, जबकि कंपनी कुछ लोगों को परफॉर्मेंस इंप्रूवमेंट प्लान (पीआईपी) के तहत डालेगी। कंपनी इसके लिए अक्टूबर का परफॉर्मेंस रिव्यू भी कर चुकी है।
Swiggy Layoffs: तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)
दरअसल, स्विगी को वित्त वर्ष 2022 में 3,628.9 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है और इस लिहाज से आगे और भी कॉस्ट कटिंग से जुड़े कदम उठाए जा सकते हैं। बताया गया कि स्विगी ने अपने सभी कर्मचारियों के लिए शून्य से पांच के बीच रेटिंग स्केल बनाया और जिन्हें दो रेटिंग दी गई, उन्हें पीआईपी के बारे में बताकर चेताया गया। माना जा रहा है कि ये लोग छंटनी के दौरान प्रभावित होंगे। सूत्र के हवाले से अखबार ने बताया- पिछले छह महीने या उससे अधिक समय से काम का दबाव काफी बढ़ा हुआ था और कंपनी फिलहाल कुछ समय से टीमों में बदलाव कर रही है। कर्मचारियों से टारगेट्स के तहत नंबर्स का पीछा करने के लिए कहा जा रहा है।
वैसे, स्विगी से पहले जानी-मानी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने भी 10 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला लिया है। यह आंकड़ा दुनिया भर में काम कर रहे उसके कुल कर्मचारियों का पांच प्रतिशत है। कंपनी मौजूदा आर्थिक स्थितियों और उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं के कारण यह कदम उठा रही है। कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजार को बताया कि उसने निकाले जाने वाले कर्मचारियों को सूचना दे दी है, जिसमें से कुछ को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। वैसे, स्विगी और माइक्रोसॉफ्ट से पहले मेटा, अमेजन, जोमैटो और बाउंस सरीखी बड़ी और नामी कंपनियां अपने वर्कफोर्स को कम करने की दिशा में कदम उठा चुकी हैं।
