भारतीय शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) और देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों (BSE व NSE) ने 3 अगस्त से शेयर बाजार के कामकाज के घंटों में बदलाव लागू कर दिया है। इस नए फैसले के तहत मुख्य रूप से फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) यानी डेरिवेटिव सेगमेंट के ट्रेडिंग समय में विस्तार किया गया है। अब बाजार में वायदा कारोबार का समय बढ़ा दिया गया है, जिससे दैनिक ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को अपनी पोजीशन मैनेज करने और बाजार की चाल पर रणनीति बनाने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा।
कब तक खुला रहेगा शेयर बाजार
जानिए अब कितने बजे तक होगी ट्रेडिंग?
नए नियमों के लागू होने के बाद इक्विटी और डेरिवेटिव्स सेगमेंट के समय में थोड़ा अंतर देखने को मिलेगा। जहां नॉर्मल कैश सेगमेंट (इक्विटी) में शेयरों की खरीद-बिक्री का समय सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक यथावत रहेगा, वहीं फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में ट्रेडिंग का समय बढ़ाकर दोपहर 3:40 बजे तक कर दिया गया है। यानी F&O ट्रेडर्स को अब अपनी पोजीशन स्क्वायर-ऑफ करने या नई पोजीशन बनाने के लिए 10 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा। प्री-ओपनिंग सेशन सुबह 9:00 बजे से 9:08 बजे तक ही चलेगा, जिसके बाद सामान्य कारोबार की शुरुआत 9:15 बजे से होगी।
समय बदलने की मुख्य वजह
भारतीय शेयर बाजार के ट्रेडिंग घंटों में इस बदलाव के पीछे मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों की गतिविधियों और बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव (Volatility) का सही तालमेल बिठाना है। सेबी का मानना है कि यूरोपीय बाजारों के खुलने और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों के जारी होने के समय भारतीय बाजार में वॉल्यूम अचानक बढ़ जाता है। ऐसे में ट्रेडर्स को अंतिम समय की हड़बड़ी से बचाने और लिक्विडिटी को बेहतर बनाए रखने के लिए ट्रेडिंग समय में यह मामूली विस्तार काफी मददगार साबित होगा। इस फैसले से रिटेल ट्रेडर्स के साथ-साथ संस्थागत निवेशकों (FIIs और DIIs) को भी काफी सहूलियत मिलेगी।
निवेशकों और ट्रेडर्स पर क्या होगा असर?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, F&O सेगमेंट के समय में 10 मिनट की बढ़ोतरी से इंट्राडे ट्रेडर्स को अपने सौदों को बिना किसी पैनिक के काटने का मौका मिलेगा। अक्सर देखा जाता था कि 3:25 से 3:30 बजे के बीच बाजार में भारी अस्थिरता आ जाती थी, जिससे कई बार ऑटो-स्क्वायर ऑफ के दौरान अनचाहा नुकसान उठाना पड़ता था। अब 3:40 बजे तक ट्रेडिंग की अनुमति मिलने से वोलैटिलिटी कम होगी और प्राइस डिस्कवरी अधिक पारदर्शी बनेगी। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने-अपने ब्रोकिंग ऐप (जैसे Zerodha, Groww, Angel One) पर अपडेटेड टाइम टेबल के अनुसार ही अपनी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी प्लान करें।
