Mutual Fund : अब लोगों के सामने निवेश के बहुत सारे ऑप्शन हैं। इनमें एफडी जैसे कई फिक्स्ड रिटर्न ऑप्शन हैं, पर अनलिमिटेड रिटर्न के लिए शेयर बाजार बेहतर ऑप्शन है। पर शेयर बाजार में जोखिम बहुत अधिक है। इस जोखिम को कम करने के लिए आप म्यूचुअल फंड का ऑप्शन चुन सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इक्विटी मार्केट में आप डायरेक्ट शेयरों में निवेश खुद करते हैं, जबकि म्यूचुअल फंड में आपका पैसा फंड हाउस के एक्सपर्ट रिसर्च के साथ निवेश करते हैं। म्यूचुअल फंड में आप चाहें तो एक साथ बड़ी रकम लगा सकते हैं, पर एसआईपी का रूट ज्यादा बेहतर माना जाता है। एसआईपी के जरिए आप थोड़ा-थोड़ा निवेश हर महीने करके एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।
म्यूचुअल फंड एसआईपी से तैयार हो जाएगा 50 लाख रु का फंड
कंपाउंडिंग का मिलेगा फायदा
एसआईपी के जरिए आप हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश करेंगे, जिससे लंबी अवधि में आपको कंपाउंडिंग का फायदा मिलेगा। कंपाउंडिंग क्या है यह समझना जरूरी है। कंपाउंडिंग में होता यह है कि आप जो पैसा निवेश करेंगे, उस पर आपको रिटर्न मिलेगा। इस रिटर्न के साथ आपका पैसा बढ़ेगा और समय के साथ आपको बढ़े हुए कुल फंड पर रिटर्न मिलेगा, जिससे आपकी संपत्ति और बढ़ेगी। आसान शब्दों में कहें तो रिटर्न पर रिटर्न का फायदा कंपाउंडिंग है।
50 लाख रु का फंड
ग्रो कैल्कुलेटर के अनुसार अगर आप 50 लाख रु का फंड तैयार करना चाहते हैं तो आपको हर महीने सिर्फ 5000 रु का निवेश करना होगा। पर इतना निवेश हर महीने आपको लगातार 20 साल तक करना होगा।
क्या कहता है कैल्कुलेटर
ग्रो कैल्कुलेटर के मुताबिक यदि आप 5000 रु हर महीने 20 सालों तक निवेश करते हैं तो आप आराम से करीब 50 लाख रु का फंड तैयार कर सकेंगे। आपका निवेश 20 सालों में होगा कुल 12 लाख रु, जबकि आपको इस पर रिटर्न मिलेगा 37.95 लाख रु। ये कैल्कुलेशन अनुमानित 12 फीसदी सालाना रिटर्न के हिसाब से की गयी है। हालांकि जरूरी नहीं कि आपको इतना ही रिटर्न मिले। ये रिटर्न कम भी हो सकता है और अधिक भी।
डिस्क्लेमर : म्यूचुअल फंड में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
