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मूडीज का अनुमान: तेल बाजार में भारत का दबदबा बढ़ेगा, चीन की भूमिका घटेगी

रेटिंग एजेंसी मूडीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगले दशक में भारत वैश्विक तेल मांग वृद्धि का मुख्य स्रोत बन जाएगा, जबकि चीन की भूमिका धीरे-धीरे कम होती जाएगी। इसकी वजह चीन की धीमी आर्थिक वृद्धि और नई ऊर्जा वाहनों (EVs) को तेजी से अपनाना है। मूडीज का अनुमान है कि भारत में तेल की मांग अगले 3–5 वर्षों में 3–5% सालाना की दर से बढ़ेगी।

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तेल की मांग में भारत की होगी तेज़ी से वृद्धि

वैश्विक तेल मांग के नक्शे पर जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रेटिंग एजेंसी मूडीज की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, जहां पिछले दशक में चीन वैश्विक तेल मांग में वृद्धि का प्रमुख स्रोत था, वहीं आगामी दशक में यह भूमिका भारत निभाने जा रहा है। मूडीज का आकलन है कि भारत में अगले दशक के दौरान तेल की मांग चीन की तुलना में कहीं अधिक तेज़ी से बढ़ेगी। इसके पीछे दो प्रमुख कारण बताए गए हैं। चीन में आर्थिक वृद्धि की सुस्ती और नई ऊर्जा वाहनों (EVs) की तेज़ स्वीकृति। चीन में कच्चे तेल की खपत अगले तीन से पांच वर्षों में चरम पर पहुंचने की संभावना है, जबकि भारत में इसी अवधि में 3-5% की वार्षिक वृद्धि की उम्मीद है।

आयात पर बढ़ेगी भारत की निर्भरता

मूडीज ने चेतावनी दी है कि भारत यदि घरेलू तेल उत्पादन में गिरावट को नहीं रोक पाया, तो कच्चे तेल के आयात पर उसकी निर्भरता और भी बढ़ जाएगी। वर्तमान में भी भारत और चीन दोनों देश तेल और गैस आयात पर अत्यधिक निर्भर हैं, लेकिन चीन की मांग में संभावित गिरावट और घरेलू उत्पादन में वृद्धि के चलते उसकी आयात निर्भरता में कमी आने की उम्मीद है।

तेल कंपनियों के निवेश में अंतर

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन की राष्ट्रीय तेल कंपनियों (एनओसी) का वृहद पैमाना और उत्पादन क्षमताएं उन्हें अगले कुछ वर्षों में भारतीय समकक्षों से आगे रखती हैं। इसके विपरीत, भारतीय कंपनियां पुराने तेल कुओं और धीमे निवेश के कारण चुनौतियों का सामना कर रही हैं।

मूडीज के अनुसार, भारतीय एनओसी घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने की योजनाएं बना रही हैं, लेकिन इन योजनाओं को अभी तक लागू नहीं किया गया है। साथ ही, हरित प्रौद्योगिकियों में निवेश का दबाव भी भारतीय कंपनियों पर अधिक है, जो उनके लिए अतिरिक्त चुनौती बन रहा है।

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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