मिडिल ईस्ट की जंग, भारत में महंगाई का 'डबल अटैक': तेल, गैस, पानी, पेट्रोल-डीजल से लेकर ऑनलाइन खाने तक सब हुआ महंगा!

मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग की आग अब भारतीय रसोई और जेब तक पहुँच गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने से न केवल पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस (LPG) महंगे हुए हैं, बल्कि पानी की बोतलों और ऑनलाइन फूड डिलीवरी की फीस में भी बढ़ोतरी हुई है। आइए बताते हैं कैसे इस युद्ध ने महंगाई का 'डबल अटैक' कर आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है।

मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी भीषण वॉर के बीच बढ़ते तनाव ने अब भारतीय रसोई और जेब पर सीधा हमला बोल दिया है। इस युद्ध का असर केवल युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने वैश्विक सप्लाई चेन (Supply Chain) को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने न केवल पेट्रोल-डीजल और गैस को महंगा कर दिया है, बल्कि आपकी पानी की बोतल और ऑनलाइन फूड डिलीवरी का बिल भी बढ़ा दिया है। आइए आपको बताते हैं जंग की वजह से भारत में क्या-क्या महंगा हो गया है?

War Impact

पेट्रोल-डीजल महंगा

महंगाई की इस आग की शुरुआत सबसे पहले ईंधन (Fuel) से हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें $112.50 प्रति बैरल के पार जा चुकी हैं। इसका सीधा असर भारत की तेल कंपनियों पर पड़ा है। एचपीसीएल (HPCL), बीपीसीएल (BPCL) और आईओसीएल (IOCL) ने न केवल कच्चे तेल के आयात बिल में बढ़ोतरी दर्ज की है, बल्कि इंडस्ट्रियल डीजल और 'पावर पेट्रोल' (High-Octane Fuel) की कीमतों में भी 2 रुपए का भारी इजाफा किया है। चूंकि डीजल की कीमतें बढ़ने से ट्रकों और मालगाड़ियों का भाड़ा बढ़ जाता है, इसलिए इसका असर सीधे तौर पर सब्जियों, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है। यह एक ऐसी चेन रिएक्शन है जिसे आम नागरिक अपनी रोजमर्रा की खरीदारी के दौरान महसूस कर रहा है।

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