मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी भीषण वॉर के बीच बढ़ते तनाव ने अब भारतीय रसोई और जेब पर सीधा हमला बोल दिया है। इस युद्ध का असर केवल युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने वैश्विक सप्लाई चेन (Supply Chain) को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने न केवल पेट्रोल-डीजल और गैस को महंगा कर दिया है, बल्कि आपकी पानी की बोतल और ऑनलाइन फूड डिलीवरी का बिल भी बढ़ा दिया है। आइए आपको बताते हैं जंग की वजह से भारत में क्या-क्या महंगा हो गया है?
पेट्रोल-डीजल महंगा
महंगाई की इस आग की शुरुआत सबसे पहले ईंधन (Fuel) से हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें $112.50 प्रति बैरल के पार जा चुकी हैं। इसका सीधा असर भारत की तेल कंपनियों पर पड़ा है। एचपीसीएल (HPCL), बीपीसीएल (BPCL) और आईओसीएल (IOCL) ने न केवल कच्चे तेल के आयात बिल में बढ़ोतरी दर्ज की है, बल्कि इंडस्ट्रियल डीजल और 'पावर पेट्रोल' (High-Octane Fuel) की कीमतों में भी 2 रुपए का भारी इजाफा किया है। चूंकि डीजल की कीमतें बढ़ने से ट्रकों और मालगाड़ियों का भाड़ा बढ़ जाता है, इसलिए इसका असर सीधे तौर पर सब्जियों, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है। यह एक ऐसी चेन रिएक्शन है जिसे आम नागरिक अपनी रोजमर्रा की खरीदारी के दौरान महसूस कर रहा है।
पानी तक हुआ महंगा
हैरानी की बात यह है कि इस युद्ध का असर अब पानी और ऑनलाइन सुविधाओं पर भी दिखने लगा है। कई बड़े शहरों में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर और पानी के टैंकरों की कीमतों में 10% से 15% तक की बढ़ोतरी देखी गई है। इसके पीछे मुख्य कारण प्लास्टिक बॉटलिंग की लागत में वृद्धि और ट्रांसपोर्टेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले डीजल के बढ़ते दाम हैं।
जोमैटो ने बढ़ाई फीस
वहीं दूसरी ओर, डिजिटल इकोनॉमी के दौर में आम आदमी का सहारा बनने वाले प्लेटफॉर्म्स जैसे Zomato और Swiggy ने भी अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रति ऑर्डर ₹2 की बढ़त ने कंपनी के दैनिक राजस्व में तो करोड़ों का इजाफा किया है, लेकिन हर रोज ऑर्डर करने वाले मध्यम वर्गीय परिवार के लिए यह 'छोटा खर्च' अब महीने के अंत में एक बड़ा बोझ बनता जा रहा है। मिडिल ईस्ट संकट के कारण वैश्विक निवेशकों में डर का माहौल है, जिससे रुपया कमजोर हो रहा है और आयात की जाने वाली हर छोटी-बड़ी चीज महंगी होती जा रही है।
एलपीजी गैस भी महंगी
केवल तेल और खाना ही नहीं, बल्कि LPG रसोई गैस के दाम भी आम आदमी को रुला रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण भारत के विभिन्न शहरों में एलपीजी सिलेंडर के रेट अब ₹900 से ₹970 के बीच झूल रहे हैं। हैदराबाद और कोलकाता जैसे शहरों में तो यह कीमतें ₹940 के आंकड़े को पार कर गई हैं। सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय हालांकि स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़ती अस्थिरता और रेड सी (Red Sea) के जरिए होने वाले व्यापार में बाधाओं ने सप्लाई को बेहद महंगा और जोखिम भरा बना दिया है। जब तक युद्ध के बादल नहीं छंटते, तब तक वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आना मुश्किल लग रहा है, जिसका मतलब है कि भारत में महंगाई की यह मार अभी कुछ और समय तक जारी रह सकती है।
