ईरान-इजरायल तनाव से बढ़ सकती है ग्लोबल महंगाई, फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें बढ़ाने पर होना पड़ेगा मजबूर

JP Morgan ने कहा है कि इस युद्ध के कारण ऊर्जा की कीमतों में उछाल आएगा, जिससे केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें और बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ सकता है।

दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय संस्थाओं में से एक, जेपी मॉर्गन चेस (JPMorgan Chase) के सीईओ जेमी डिमन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। डिमन के अनुसार, मिडिल ईस्ट में ईरान ( Iran War) के साथ बढ़ता तनाव और संभावित युद्ध केवल क्षेत्रीय संकट नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरी दुनिया में महंगाई (Inflation) की एक नई लहर पैदा कर सकता है। उन्होंने आगाह किया है कि इस युद्ध के कारण ऊर्जा की कीमतों में उछाल आएगा, जिससे केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरों (Interest Rates) में कटौती करने के बजाय उन्हें और बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर के बाजार पहले से ही अस्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं।

JP Morgan Warning

ऊर्जा संकट और महंगाई का सीधा संबंध

जेमी डिमन ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि ईरान के साथ किसी भी बड़े सैन्य संघर्ष का सीधा असर तेल और गैस की सप्लाई पर पड़ेगा। चूंकि मिडिल ईस्ट वैश्विक तेल आपूर्ति का केंद्र है, इसलिए वहां युद्ध की स्थिति कच्चे तेल की कीमतों को अनियंत्रित स्तर पर ले जा सकती है। जब ऊर्जा महंगी होती है, तो उत्पादन और परिवहन की लागत बढ़ जाती है, जिसका अंतिम बोझ आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है। डिमन का मानना है कि यह स्थिति महंगाई को उस स्तर पर ले जा सकती है जिसे नियंत्रित करना किसी भी सरकार के लिए बेहद मुश्किल होगा।

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