Income Tax Return Late Filing Penalty for ay 2025-26: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख नजदीक आ गई है। ऐसे में अगर आपने अभी तक अपना रिटर्न फाइल नहीं किया है और ई-वेरिफिकेशन पूरा नहीं किया है, तो आपको सावधान रहने की जरुरत है। तय समय के बाद ITR दाखिल करने पर टैक्स विभाग की ओर से लेट फीस, ब्याज और जुर्माने जैसी कार्रवाई हो सकती है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए असेसमेंट ईयर 2026-27 में समय पर और सही जानकारी के साथ ITR दाखिल करना बेहद जरूरी है। रिटर्न में देरी, गलत जानकारी देना, आय छिपाना या नियमों का पालन नहीं करना आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है।
ITR Filing 2026: देरी से रिटर्न भरने पर लग सकता है जुर्माना, जानें टैक्स नियम
31 जुलाई के बाद ITR भरने पर देना पड़ सकता है जुर्माना
अगर कोई करदाता तय तारीख यानी 31 जुलाई 2026 तक अपना ITR दाखिल नहीं करता है, तो उसे आयकर कानून की धारा 234F के तहत लेट फीस देनी (Income Tax Penalty) पड़ सकती है। नियमों के अनुसार, देरी से ITR दाखिल करने पर अधिकतम 5,000 रुपये तक की फीस लग सकती है। हालांकि, जिन करदाताओं की कुल आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं है, उनके लिए यह शुल्क 1,000 रुपये तक सीमित रहता है।
रिवाइज्ड रिटर्न में देरी पर भी लगेगा शुल्क
अगर किसी करदाता ने अपना ITR भरने के बाद उसमें गलती पाई और संशोधित रिटर्न (Revised Return) दाखिल करना चाहता है, तो इसमें भी समय सीमा का ध्यान रखना जरूरी है। संशोधित रिटर्न में देरी होने पर इनकम टैक्स कानून की धारा 234-I के तहत 1,000 रुपये या 5,000 रुपये तक का शुल्क लगाया जा सकता है। शुल्क की राशि करदाता की आय के आधार पर तय होती है।
गलत जानकारी देने या आय छिपाने पर भारी जुर्माना
ITR में अपनी वास्तविक आय नहीं दिखाना या गलत जानकारी देना गंभीर मामला माना जाता है। अगर जांच में पता चलता है कि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर आय कम बताई है या गलत जानकारी दी है, तो उस पर धारा 270A के तहत कार्रवाई हो सकती है। इस स्थिति में करदाता पर बकाया टैक्स राशि का 50 प्रतिशत से लेकर 200 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
2 लाख रुपये या उससे ज्यादा कैश लेने पर भी कार्रवाई
आयकर कानून में बड़े नकद लेनदेन को लेकर भी सख्त नियम हैं। अगर कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करते हुए 2 लाख रुपये या उससे ज्यादा नकद राशि प्राप्त करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। ऐसे मामलों में धारा 269ST और 271DA के तहत जुर्माने की राशि उतनी ही हो सकती है, जितनी नकद राशि प्राप्त की गई है।
सेल्फ असेसमेंट टैक्स नहीं भरने पर भी जुर्माना
कई बार करदाता ITR तो दाखिल कर देते हैं, लेकिन बकाया सेल्फ असेसमेंट टैक्स जमा नहीं करते। ऐसी स्थिति में भी परेशानी बढ़ सकती है। आयकर कानून की धारा 140A और 221 के तहत टैक्स भुगतान में चूक होने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। यह जुर्माना बकाया टैक्स की राशि तक हो सकता है।
आखिरी समय में फाइलिंग से बचें
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द ITR दाखिल करना बेहतर होता है। अंतिम समय में वेबसाइट पर तकनीकी समस्या, दस्तावेजों की कमी या गलत जानकारी भरने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। समय से पहले रिटर्न भरने से करदाता को अपनी जानकारी जांचने और किसी भी गलती को सुधारने का पर्याप्त समय मिल जाता है। इसके अलावा रिफंड में देरी और टैक्स विभाग की अतिरिक्त जांच से भी बचा जा सकता है।
इनकम टैक्स विभाग ने भी की जल्द ITR भरने की अपील
इनकम टैक्स विभाग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए करदाताओं से अपील की है कि वे आखिरी समय की भीड़ से बचें और समय रहते अपना ITR दाखिल करें। विभाग ने बताया कि असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अब तक 3 करोड़ से ज्यादा ITR दाखिल किए जा चुके हैं, जबकि एक दिन में ही 15 लाख से ज्यादा रिटर्न फाइल किए गए।
समय पर ITR भरना है सबसे आसान टैक्स सुरक्षा उपाय
समय पर और सही जानकारी के साथ ITR दाखिल करना टैक्स नियमों का पालन करने का सबसे आसान तरीका है। सही दस्तावेजों के साथ रिटर्न दाखिल करने से अनावश्यक जुर्माने, नोटिस और कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि करदाता आखिरी तारीख से पहले अपना रिटर्न जरूर जमा कर दें और जरूरत पड़ने पर टैक्स एक्सपर्ट्स की मदद लें।
