ITR Filing 2026-27: Form 16 और Form 26AS में TDS अलग दिखे तो क्या करें? जानिए पूरा मामला

ITR Filing: इनकम टैक्स रिटर्न भरने से पहले Form 16, Form 26AS और AIS का मिलान जरूरी है। TDS में अंतर होने पर पहले सुधार कराएं, क्योंकि गलत जानकारी से टैक्स नोटिस, अतिरिक्त देनदारी, रिफंड में देरी हो सकती है।

ITR Filing : इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने का सीजन शुरू हो चुका है। जून महीने में अधिकांश नौकरीपेशा लोगों को उनके नियोक्ता (Employer) की ओर से Form 16 मिल जाता है। ITR भरते समय कर्मचारी आमतौर पर Form 16 और Form 26AS की मदद से अपनी आय और कटे हुए टैक्स (TDS) की जांच करते हैं। आदर्श स्थिति में इन दोनों दस्तावेजों में TDS की राशि एक जैसी होनी चाहिए, लेकिन कई बार इनमें अंतर देखने को मिलता है। ऐसी स्थिति में टैक्सपेयर्स के सामने यह सवाल खड़ा हो जाता है कि किस दस्तावेज पर भरोसा करें और क्या कदम उठाएं।

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इनकम टैक्स रिटर्न भरने से पहले Form 16, Form 26AS और AIS का मिलान जरूरी

क्या होते हैं Form 16 और Form 26AS?

Form 16 एक TDS सर्टिफिकेट है, जिसे नियोक्ता अपने कर्मचारियों को जारी करता है। इसमें कर्मचारी की सैलरी, उस पर कटे टैक्स और सरकार के पास जमा किए गए TDS की जानकारी होती है। आयकर नियमों के अनुसार, नियोक्ता को संबंधित वित्त वर्ष समाप्त होने के बाद 15 जून तक Form 16 जारी करना होता है। वहीं, Form 26AS एक समेकित टैक्स स्टेटमेंट (Consolidated Tax Statement) है। इसमें आपके PAN से जुड़ी टैक्स संबंधी सभी जानकारियां दर्ज होती हैं। इसमें TDS, TCS, एडवांस टैक्स, सेल्फ-असेसमेंट टैक्स, टैक्स रिफंड और कुछ बड़े वित्तीय लेन-देन की जानकारी शामिल रहती है।

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