14.2 किलो के सिलेंडर में मिलेगी सिर्फ 10 किलो गैस, LPG संकट पर चल रही बड़ी प्लानिंग!

ईरान-इजरायल युद्ध के चलते एलपीजी की किल्लत से निपटने के लिए तेल कंपनियों (OMCs) ने 'मास्टरप्लान' तैयार किया है। अब भारी सिलेंडरों के बजाय 5kg और 10kg के छोटे सिलेंडरों की सप्लाई बढ़ाई जाएगी। कम वजन और आसान रिफिलिंग के जरिए सरकार का लक्ष्य हर रसोई तक बिना देरी गैस पहुंचाना है।

मध्य पूर्व (Middle East) में ईरान और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध का असर अब भारत की रसोई तक पहुंचने लगा है। वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई चेन बाधित होने के कारण देश के कई हिस्सों में एलपीजी (LPG) की कमी की खबरें आ रही हैं। इस गंभीर स्थिति से निपटने और आम जनता को राहत देने के लिए तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने एक 'मास्टरप्लान' तैयार किया है। कंपनियों का मानना है कि वर्तमान में 14.2 किलोग्राम वाले भारी सिलेंडरों की तुलना में छोटे सिलेंडरों (5kg और 10kg) के वितरण पर जोर देकर गैस की किल्लत को तेजी से दूर किया जा सकता है।

LPG gas Cylinder

युद्ध की स्थिति के कारण कच्चे तेल और एलपीजी के आयात में देरी हो रही है। बड़े सिलेंडरों को भरने, उनके ट्रांसपोर्टेशन और रिफिलिंग में अधिक समय और संसाधन लगते हैं। वहीं, छोटे सिलेंडर न केवल ले जाने में आसान होते हैं, बल्कि उनकी रिफिलिंग साइकिल भी तेज होती है। तेल कंपनियों का मानना है कि छोटे सिलेंडरों के जरिए कम समय में ज्यादा घरों तक गैस पहुंचाई जा सकती है। इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें एक सिलेंडर खत्म होने के बाद दूसरे के लिए हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता है।

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