महंगाई का खतरा: क्या RBI बढ़ाएगा रेपो रेट? जानिए एक्सपर्ट्स की राय और आर्थिक संकेत

RBI Repo Rate: पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण आरबीआई आगामी मौद्रिक नीति में रेपो दर 0.25% बढ़ाकर 5.50% कर सकता है। हालांकि, जीडीपी वृद्धि अनुमान बढ़ने की उम्मीद है।

RBI Repo Rate : पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारत में एक बार फिर महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आरबीआई ब्याज दरों में इजाफा कर सकता है।

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तिगत समीक्षा में रेपो दर 0.25 प्रतिशत बढ़ा सकता है आरबीआई (तस्वीर-PTI/istock)

क्या है नया अनुमान और रेपो रेट की स्थिति?

अर्थशास्त्रियों और बैंकिंग क्षेत्र के अधिकारियों का मानना है कि पश्चिम एशिया में गहराते संकट के कारण बने महंगाई के दबाव को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अपनी आगामी समीक्षा बैठक में नीतिगत दर 'रेपो रेट' में 0.25 प्रतिशत (25 बेसिस पॉइंट्स) की बढ़ोतरी कर सकता है। अगर केंद्रीय बैंक इस बार रेपो रेट में इजाफा करता है, तो यह उसकी ब्याज दर नीति में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव माना जाएगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि इससे पहले 2025 में ब्याज दरों में कटौती का दौर देखा गया था और उसके बाद लंबे समय तक दरों को स्थिर रखा गया था।

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