AI और Digital India के दौर में बैंकों ने पेन-पेपर पर खर्च कर डाले ₹4000 करोड़

खाता खोलने से बैलेंस ट्रांसफर तक बैंकिंग की तकरीबन हर सर्विस ऑनलाइन उपलब्ध है। लेकिन AI और Digital इंडिया के दौर में देश के बैंकों ने पेन और पेपर पर ₹4000 करोड़ खर्च किए हैं।

Bank Expense on Stationary : एक तरफ देश में Digital India जैसी मुहिम के तहत सरकार से लेकर बाजार तक हर चीज ऑनलाइन है। वहीं, इस दौर में भी देश के बैंक पेन और पेपर पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। यह खर्च तब है, जब देश की सरकार कैशलेस इकोनॉमी बनाने पर जोर दे रही है। बैंक पहले ही अपनी तकरीबन हर सेवा ऑनलाइन उपलब्ध करा रहे हैं। लेकिन, इसके बाद भी देश के 15 बड़े बैंकों की तरफ से एक साल में पेन और पेपर जैसी चीजों पर करीब 4000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

bank expanse on paper in digital India

डिजिटल इंडिया के दौर में कागजो पर करोड़ों खर्च

यह आंकड़ा इस वजह से भी हैरान करने वाला है कि रिजर्व बैंक करीब इतनी ही रकम खर्च करके पूरी इकोनॉमी को चलाने के लिए नोट छापता है। यानी एक तरफ जहां देश के टॉप बैंक सिर्फ पेन और पेपर पर जितनी रकम खर्च कर रहे हैं, उतनी रकम में RBI नोट छापकर पूरी इकोनॉमी को चला रहा है। RBI के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में रिजर्व बैंक ने नोट छापने पर कुल ₹4,875.2 करोड़ खर्च किए हैं। वहीं, देश के बैंकों ने पेन और पेपर पर करीब ₹7000 करोड़ खर्च किए हैं। इसमें से ₹3,878 करोड़ यानी आधी से ज्यादा रकम टॉप 15 बैंकों ने खर्च की है।

End of Feed