2 देशों की लड़ाई में भारत के बासमती चावल कारोबार पर मंडराया संकट, गिर सकते हैं दाम

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी से भारतीय बासमती चावल उद्योग में बेचैनी बढ़ गई है। ईरान, भारत के बासमती चावल का तीसरा सबसे बड़ा खरीदार है, ऐसे में वहां होने वाले निर्यात पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इस अनिश्चित हालात का असर अब नए सौदों, भुगतान व्यवस्था और मंडियों में बासमती चावल की कीमतों पर भी साफ नजर आने लगा है।

भारत का बासमती चावल पूरी दुनिया में अपनी खुशबू और क्वालिटी के लिए जाना जाता है, लेकिन अब इसके निर्यात को लेकर चिंता बढ़ती नजर आ रही है। इसकी वजह है अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर लिया गया नया फैसला। ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर कड़े टैरिफ लगाने के संकेत दिए हैं, जिसका सीधा असर भारत के बासमती चावल निर्यात पर पड़ सकता है।

Basmati Rice

दरअसल, ईरान भारत के बासमती चावल का एक बड़ा खरीदार रहा है। हर साल बड़ी मात्रा में भारत से बासमती चावल ईरान भेजा जाता है। लेकिन अब अमेरिका की सख्त नीति और ईरान पर बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण वहां से ऑर्डर घटने की आशंका जताई जा रही है। इससे भारतीय निर्यातकों के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।

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