अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद मध्य पूर्व में युद्ध की आग भड़क उठी है। ईरान की जवाबी कार्रवाई में कतर के एलएनजी प्लांट्स पर ड्रोन हमले और होर्मुज स्ट्रेट पर जहाजों की आवाजाही रुकने से क्रूड ऑयल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं। ब्रेंट क्रूड 73 डॉलर से उछलकर 82 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है, जो 13% की बढ़ोतरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर युद्ध एक महीने तक चला, तो कच्चा तेल 100-150 डॉलर तक जा सकता है, जिससे भारत में डीजल, पेट्रोल, सीएनजी और एलपीजी 20-50% महंगे हो सकते हैं। वहीं, ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने भी अपनी एक रिपोर्ट कहा है कि अगर युद्ध लंबा खिंचा, तो यह भारत की इकोनॉमी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
युद्ध में अब तक क्या हुआ?
ईरान ने होर्मुज में मौजूद किसी भी तेल टेंकर और जहाज को निशाना बनाने का ऐलान करते हुए इसे बंद कर दिया है। इस रूट से दुनिया की 20% ऑयल-गैस सप्लाई होती है। वहीं, ईरान के हमलों की वजह से कतर एनर्जी ने रास लफ्फान और मेसाइद प्लांट्स पर हमलों के बाद एलएनजी उत्पादन रोक दिया, जो वैश्विक सप्लाई का 20% प्रभावित करता है।
150 डॉलर तक होगा क्रूड का दाम
इंडिपेंडेंट कमोडिटी इंटेलिजेंस सर्विसेज के सीनियर कंसल्टेंट जॉन रिसचर्डसन अपने एक ब्लॉग में लिखते हैं कि अगर युद्ध लंबा खिंचा, तो महीने भर में ही क्रूड ऑयल की कीमत 110 से 150 डॉलर तक बढ़ सकती है। इसी तरह जेफरीज ने भी अपनी रिपोर्ट में आशंका जताई है कि क्रूड कुछ ही सप्ताह में 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा महंगा हो सकता है।
भारत के लिए क्यों बड़ी है चुनौती?
भारत फिलहाल अपनी कुल जरूरत का करीब 55 फीसदी क्रूड ऑयल पश्चिम एशिया से आयात कर रहा है, जिसमें भी बड़ा हिस्सा होर्मुज से होकर आता है। इसके अलावा भारत अपनी कुल गैस जरूरतों का 50% आयात कतर से करता है। इस तरह होर्मुज के बंद होने से भारत की आधी ऑयल और गैस सप्लाई बाधित हो सकती है। चूंकि, यह रूट ग्लोबल सप्लाई का 20% हिस्सा कंट्रोल करता है, ऐसे में दाम लगातार बढ़ेंगे, जिससे भारत का आयात बिल बढ़ता चला जाएगा।
हर 10 डॉलर पर 1 लाख करोड़ से ज्यादा की चपत
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर होर्मुज के रास्ते क्रूड का आयात लंबे समय तक बंद रहा, तो क्रूड का दाम 100-150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है, जिससे भारत का आयात बिल 13-14 अरब डॉलर बढ़ेगा। वहीं, एक इंडिपेंडेंट एनालिस्ट का मानना है क्रूड के दाम में प्रत्येक 10 की बढ़ोतरी से भारत के आयात बिल पर 12 से 15 अरब डॉलर का बोझ बढ़ता है। इस तरह देखा जाए, तो हर 10 डॉलर की बढ़ोतरी भारत के लिए 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की चपत है।
भारत पर गहरा असर क्यों?
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक होर्मुज सप्लाई रुकने पर भारत सबसे ज्यादा प्रभावित होगा, क्योंकि भारत के पास चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जितना रिजर्व नहीं है। वहीं, मॉर्गन स्टैनली की रिपोर्ट में कहा गया है कि हर 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी भारत की जीडीपी ग्रोथ को 20-30 बेसिस पॉइंट्स घटा सकती है। जबकि, जीफरीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊर्जा कीमतों में उछाल भारत के लिए बड़ा मैक्रो नेगेटिव होगा।
Fuel Prices in India as Crude Rises
30 दिनों में कितनी बढ़ोतरी?
कहने को भारत में पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम इंटरनेशनल मार्केट से लिंक्ड हैं। लेकिन, फिर भी ये काफी हद तक रेगुलेटेड हैं। क्योंकि पिछले कई साल से इनके दाम में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। ऐसे में अब भी बहुत जल्दी कोई बड़ा असर नहीं दिखेगा। लेकिन, अगर वाकई युद्ध लंबा खिंचता है और सरकार व ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMC) इस भार को आगे बढ़ाती हैं, तो ईंधन की कीमतों में 10 से 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
| क्रूड कीमत ($/बैरल) | क्रूड बढ़ोतरी ($) | % क्रूड बढ़ोतरी | पेट्रोल (₹/लीटर) | % पेट्रोल बढ़ोतरी | डीजल (₹/लीटर) | % डीजल बढ़ोतरी | सीएनजी (₹/किग्रा) | % सीएनजी बढ़ोतरी | एलपीजी (₹/सिलेंडर) | % एलपीजी बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 82 | 0 | 0% | 94.77 | 0% | 87.67 | 0% | 77.09 | 0% | 853 | 0% |
| 92 | +10 | 12% | 100.27 | 6% | 92.87 | 6% | 81.09 | 5% | 878 | 3% |
| 102 | +20 | 24% | 105.77 | 12% | 98.07 | 12% | 85.09 | 10% | 903 | 6% |
| 112 | +30 | 37% | 111.27 | 17% | 103.27 | 18% | 89.09 | 16% | 928 | 9% |
| 122 | +40 | 49% | 116.77 | 23% | 108.47 | 24% | 93.09 | 21% | 953 | 12% |
| 132 | +50 | 61% | 122.27 | 29% | 113.67 | 30% | 97.09 | 26% | 978 | 15% |
| 142 | +60 | 73% | 127.77 | 35% | 118.87 | 36% | 101.09 | 31% | 1,003 | 18% |
| 152 | +70 | 85% | 133.27 | 41% | 124.07 | 42% | 105.09 | 36% | 1,028 | 21% |
| 162 | +80 | 98% | 138.77 | 46% | 129.27 | 47% | 109.09 | 41% | 1,053 | 23% |
| 172 | +90 | 110% | 144.27 | 52% | 134.47 | 53% | 113.09 | 47% | 1,078 | 26% |
