Nikita Kumari HSBC Viral Linkedin Post: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपने अनुभव शेयर करने एक अच्छा मीडिया उभर कर आया है। यहां लोग हर तरह की चीजें शेयर करते हैं। ऐसे में HSBC Bank की एक महिला कर्मचारी ने अपने ऑफिस में हुए एक अनुभव को लिंक्डइन (LinkedIn) पर शेयर किया है।
नितिका कुमारी की लिंक्डइन में की गई पोस्ट। (सोर्स-Linkedin/Nitika Kumari)
नितिका कुमारी (Nitika Kumari) नाम की महिला पिछले एक साल से हैदराबाद में एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank, Hyderabad ) में काम कर रही हैं और फिलहाल वह कंपनी में नोटिस पीरियड पर हैं।
Nikita Kumari HSBC Linkedin Post on Workplace Harassement: निकिता ने अपनी पोस्ट पर क्या लिखा
निकिता ने लिंक्डइन पर पोस्ट बताया कि, "मैं HSBC GSC HYD में एक साल से ज़्यादा समय से काम कर रही हूं और अब जब यह सफ़र खत्म होने वाला है, तो मैं अपना अनुभव आप सभी के साथ साझा करना चाहूंगी। किसी भी नई कंपनी में शामिल होने पर सबसे पहली बात जो हमारे दिमाग में आती है, वह है उनके ऑफिस का माहौल और उनकी HR पॉलिसी कैसी है।"
निकिता ने दावा किया, "पिछले एक साल में ऐसी कई घटनाएं हुईं, जिन्हें मैंने यह सोचकर नजरअंदाज कर दिया कि "कॉरपोरेट लाइफ में ऐसा अक्सर होता है।" मैंने हर चीज को इस हद तक नजरअंदाज किया जबतक यह मेरे लिए वह असहनीय नहीं हो गया, जिसके बाद मुझे कुछ गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और घबराहट के दौरों से गुजरना पड़ा।"
हाल ही में उनके साथ हुई एक घटना के बारे बताया कि 22 अप्रैल 2024 को मेरे सहकर्मी अजमीरा अशोक द्वारा मुझ पर जातीय रूप से असंवेदनशील टिप्पणी की गई। उन्होंने मुझे बोला कि, 'एक चमाट मारेंगे, बिहार पहुंच जाओगी।"
उन्होंने पोस्ट में आगे बताया कि उन्होंने प्रोटोकॉल का पालन किया और अपने मैनेजर को पूरी घटना के बारे में बताया, लेकिन "टीम मीटिंग के अलावा इस मामले में कुछ नहीं हुआ।" बल्कि उन्हें सलाह दी गई कि उनके सहकर्मी ने उनके साथ कोई मारपीट नहीं की। यह सिर्फ कमेंट था जिसे तुम्हें भूल जाना चाहिए।"
POSH में शिकायत करने के बाद कुछ नहीं हुआ
इसके बाद, वह संबंधित HR टीम के पास पहुंची और एक POSH शिकायत दर्ज कराई। "... घटना के कुछ हफ़्तों बाद, 3 मई को मुझे HR टीम से एक ईमेल मिला जिसमें इस पर कोई अपडेट नहीं था कि क्या कार्रवाई की गई। मैंने यह सोचकर सब कुछ छोड़ दिया कि वैसे भी मैं जल्द ही ऑफिस छोड़ दूंगी क्योंकि मैं वर्तमान में अपने नोटिस पीरियड में हूं।
Linkedin पर उन्होंने एक अन्य सहकर्मी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए लिखा, "मैं धूम्रपान के ब्रेक पर था, जब विनय कुमार राजुलदेव, यूके सीडीडी टीम के एएमओ मेरे पास आए और मुझ पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने जो टिप्पणी की, वह थी 'तुम्हारी जैसी लड़की हमने आज तक नहीं देखे हैं, अकेले पूरे यूके टीम का नाम खराब कर रही है।' जिसका मतलब है - उसने मेरे जैसी लड़की कभी नहीं देखी, मैंने उनकी टीम का नाम खराब कर दिया है। मैंने उनसे ऐसी बातें कहने का कारण पूछा, जिस पर उन्होंने जवाब दिया 'तुम्हारे अलावा किसी UK team की लड़की को हम नहीं देखे हैं सिगरेट पीते हुए' जिसका मतलब है - उसने यूके टीम की किसी लड़की को ऐसा करते हुए कभी नहीं देखा। बाद में ऑफिस के अंदर वापस जाते समय, मैंने उसे ऑफिस के अंदर तंबाकू खाते और दीवार पर थूकते देखा था।
निकिता ने पोस्ट के अंत में लिखा, "मेरा एलडब्ल्यूडी 13 जून 2024 है और मुझे उम्मीद है कि यह पोस्ट उन सभी लोगों तक पहुंचेगी जो वर्तमान में HSBC में काम कर रहे हैं और जो लोग मेरे जाने से पहले HSBC GSC HYD में शामिल होने की योजना बना रहे हैं।"
लोगों पोस्ट पर क्या कर रहे कमेंट
निकिता की पोस्ट को लिंक्डइन पर अच्छे रिस्पॉन्स मिले हैं। इस पोस्ट को अब तक 1.30 लाख से ज़्यादा लाइक, 2000 से ज़्यादा रीपोस्ट और 6,000 से ज़्यादा कमेंट मिल चुके हैं। उनके इस पोस्ट पर यूजर्स उन्हें कार्यस्थल पर उत्पीड़न के खिलाफ बोलने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, जबकि कई लोगों ने उनके साथ सहानुभूति जताते हुए कहा है कि उन्हें बेहतर नौकरी का अवसर मिलेगा।
"नितिका कुमारी आपको HSBC हेडक्वॉटर्र को एक ईमेल लिखना चाहिए और भारत में CEO को सीसी करना चाहिए। कृपया चुप न रहें, आत्मसम्मान बहुत मूल्यवान है" एक लिंक्डइन यूजर ने लिखा।
एक अन्य यूजर ने लिखा, "लड़की, तुममें हिम्मत और धैर्य है। हर किसी में यह नहीं होता। सालों पहले, जब मैं टेक महिंद्रा नोएडा में काम कर रही थी, तो एक टीएल ने हमारी एक सहकर्मी पर टिप्पणी की- ये लोग तो ऐसे काम करते हैं जैसे आंगनवाड़ी में कर रही हों। कारण? वह समय पर आती थी और समय पर चली जाती थी।क्योंकि वह कभी चाय, सुट्टा ब्रेक नहीं लेती थी, सौंपे गए काम को पूरा करती थी... फिर भी, समय पर घर जानें पर टीएल ने ये टिप्पणी की थी।
