बिहार रिजल्ट के दिन कैसी रहती है शेयर बाजार की चाल? पिछले 3 चुनावों में ये था हाल

बाजार और चुनावों का रिश्ता सीधा और काफी संवेदनशील होता है। इसका कारण ये है कि चुनाव यह तय करते हैं कि आने वाले समय में देश की आर्थिक नीतियां, विकास योजनाएं और सुधारों की दिशा कैसी होगी, और इन्हीं चीज़ों पर शेयर बाजार सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया देता है। बिहार विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल आने के बाद शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली, लेकिन असली तस्वीर आज यानी 14 नवंबर को नतीजे आने के बाद ही साफ होगी। तो आइए जानते हैं बीते चुनावों में कैसा था बाजार का हाल?

बिहार विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल आने के बाद शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली, लेकिन असली तस्वीर आज यानी 14 नवंबर को नतीजे आने के बाद ही साफ होगी। निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर नतीजे उम्मीद से अलग आए तो क्या शेयर बाजार गिर सकता है या तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। पिछले तीन बिहार चुनावों का इतिहास बताता है कि राज्य चुनावों का बाजार पर असर बहुत सीमित और वह भी सिर्फ कुछ दिनों के लिए होता है। फिर भी राजनीतिक अनिश्चितता हमेशा बाजार में हलचल ला सकती है, इसलिए पुराने आंकड़े इस स्थिति को समझने में काफी मदद करते हैं। आइए आपको बताते हैं बीते 3 चुनावों में कैसी थी शेयर बाजार की चाल?

Bihar Election Vs Share Market

2010 में कैसा था बाजार

2010 के चुनाव में एनडीए ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में बड़ी जीत हासिल की थी, लेकिन इसका शेयर बाजार पर लगभग कोई असर नहीं दिखा। उस समय निवेशकों का ध्यान ग्लोबल मंदी से निकल रही अर्थव्यवस्था और केंद्र सरकार की नीतियों पर ज्यादा था। सेंसेक्स ने हल्की बढ़त जरूर दिखाई, लेकिन राज्य चुनाव बाजार की दिशा तय नहीं कर पाए। बाजार का फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्थितियों पर ही बना रहा।

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