HDB Financial Services IPO: प्रमुख प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक अपनी यूनिट एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज के IPO में करीब 10,000 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी बेचेगा। एचडीएफसी बैंक के पास कंपनी की 94.6% हिस्सेदारी है। आईपीओ के तहत, 2,500 करोड़ रुपये के नए शेयर बेचे जाएंगे, जिससे इश्यू का कुल साइज करीब 12,500 करोड़ रुपये हो जाएगा। इससे पहले, एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने एचडीबी फाइनेंशियल के IPO को मंजूरी दे दी थी।
एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज लाएगी IPO
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RBI के नियमों में के तहत लिस्टिंग
आईपीओ में शेयरों का प्राइस बैंड और बाकी डिटेल तय समय में फिक्स किया जाएगा। ये एचडीएफसी ग्रुप की तरफ से आया 6 साल में पहला IPO है। एचडीबी फाइनेंशियल की लिस्टिंग RBI की तरफ से 2022 में पेश किए गए नए मानदंडों के तहत होगी, जिसके तहत बड़ी नॉन-बैंकिंग फाइेंशियल कंपनियों (एनबीएफसी) को सितंबर 2025 तक स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होना जरूरी है।
आईपीओ से आए फंड का यूज एचडीबी फाइनेंशियल अपनी लोन पुस्तिका का विस्तार करने और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए कर सकती है।
फाइनेंशियल रिजल्ट कैसे रहे
एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज एक लीडिंग एनबीएफसी कंपनी है, जो मुख्य रूप से रिटेल और कमर्शियल सेगमेंट्स को सेवाएं प्रोवाइड करती है और फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की एक बड़ी रेंज पेश करती है।
यह सिक्योर्ड और सिक्योर्ड लोन, एसेट फाइनेंस, कंज्यूमर लोन और संपत्ति पर लोन में माहिर है। एचडीबी फाइनेंशियल ने वित्त वर्ष 23 में अपनी लोन बुक में 17% की सालाना वृद्धि दर्ज की, जो 66,000 करोड़ रुपये रही। यह ग्रोथ पर्सनल लोन, ऑटो लोन और छोटे बिजनेस फाइनेंसिंग की मजबूत मांग के कारण हुई। इस बीच, वित्त वर्ष 23 में कंपनी का प्रॉफिट 1,740 करोड़ रुपये रहा।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर एक आगामी IPO की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
