Union Budget 2025 में मिडिल क्लास को राहत, लेकिन इस मामले में पीछे रह गई मोदी सरकार

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सरकार ने 11.11 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का बजट अनुमान रखा था लेकिन संशोधित अनुमानों के मुताबिक, यह व्यय 10.18 लाख करोड़ रुपये रहने की ही उम्मीद है। सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, ‘‘कर्ज के अलावा कुल प्राप्तियों का संशोधित अनुमान 31.47 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से शुद्ध कर प्राप्तियां 25.57 लाख करोड़ रुपये हैं। कुल व्यय का संशोधित अनुमान 47.16 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से पूंजीगत व्यय लगभग 10.18 लाख करोड़ रुपये (वित्त वर्ष 2025) है।’’

Union Budget 2025: चालू वित्त वर्ष में पूंजीगत व्यय के लक्ष्य से पीछे रह जाने के बीच सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए 11.21 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का शनिवार को बजट में प्रस्ताव रखा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार अगले वित्त वर्ष में 11.21 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय करेगी। सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, ‘‘कर्ज के अलावा कुल प्राप्तियों का संशोधित अनुमान 31.47 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से शुद्ध कर प्राप्तियां 25.57 लाख करोड़ रुपये हैं। कुल व्यय का संशोधित अनुमान 47.16 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से पूंजीगत व्यय लगभग 10.18 लाख करोड़ रुपये (वित्त वर्ष 2025) है।’’ हालांकि, चालू वित्त वर्ष के लिए पूंजीगत व्यय निर्धारित लक्ष्य से लगभग 93,000 करोड़ रुपये पीछे रह जाने के आसार दिख रहे हैं।

Union Budget 2025

इस मामले में पीछे रह गई मोदी सरकार

अनुमानों से पीछे रह गई सरकार

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सरकार ने 11.11 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का बजट अनुमान रखा था लेकिन संशोधित अनुमानों के मुताबिक, यह व्यय 10.18 लाख करोड़ रुपये रहने की ही उम्मीद है। दरअसल, अप्रैल-मई के दौरान लोकसभा चुनावों से जुड़ी गतिविधियां जारी रहने से सरकार पूंजीगत व्यय नहीं कर पाई। इस वजह से वित्त वर्ष की एक तिमाही में व्यय गतिविधियां सीमित रहीं। सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए पूंजीगत व्यय को 37.5 प्रतिशत बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये किया था। हालांकि, सरकार को पिछले वित्त वर्ष में 9.5 लाख करोड़ रुपये खर्च होने की ही उम्मीद है।

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