1.5 लाख की Gold रिंग या ETF एक साल में किसने दिया ज्यादा रिटर्न?

सोने की कीमतों में रिकॉर्ड 60% की उछाल ने गोल्ड निवेश का सुपरस्टार बना दिया है। लेकिन इतने तेज़ी वाले साल में भी दोनों विकल्पों के रिटर्न एक जैसे नहीं होते, क्योंकि रिंग और ETF दोनों की लागत, शुद्धता और निवेश का तरीका बिल्कुल अलग है। अगर आपने भी इस साल गोल्ड ETF लेने की बजाए रिंग ली है तो आइए आपको बताते हैं आपको कहां ज्यादा मिला?

साल 2025 सोने के निवेशकों के लिए किसी जैकपॉट साल से कम नहीं रहा। जहां बाकी मार्केट्स उतार–चढ़ाव में फंसे रहे, वहीं गोल्ड ने अपनी चमक ऐसी दिखाई कि हर निवेशक चौंक गया। साल की शुरुआत यानी जनवरी 2025 में सोना करीब ₹78,000 प्रति 10 ग्राम था, जिसे सामान्य बढ़त माना जा रहा था। लेकिन जैसे-जैसे साल आगे बढ़ा, अंतरराष्ट्रीय तनाव, डॉलर इंडेक्स में गिरावट और सेंट्रल बैंकों द्वारा भारी गोल्ड खरीद ने कीमतों को नई उड़ान दी। नतीजा यह हुआ कि 12 दिसंबर 2025 आते-आते सोना उछलकर ₹1,30,760 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। यानी लगभग 60% की रैली, जो आमतौर पर कई सालों में देखने को मिलती है।

Gold

ऐसे माहौल में ज्यादातर लोग एक ही सवाल पूछते नजर आए अगर मेरे पास 1.5 लाख रुपये हों, तो क्या गोल्ड रिंग खरीदना सही रहता या गोल्ड ETF ज्यादा फायदेमंद साबित होता?

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