सोना-चांदी में इस साल फिर आएगी तेजी या होगी और गिरावट? एक्सपर्ट्स की भविष्यवाणी ने बढ़ाई हलचल

Gold and Silver Prices: भारतीय बाजार में वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान सोना और चांदी की कीमतों में हल्की से मध्यम तेजी रहने की संभावना है। इसकी वजह वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, व्यापार युद्ध की आशंका और मंदी का खतरा है, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ेगी। हालांकि, ऊंची ब्याज दरें कीमतों में बड़ी तेजी को सीमित कर सकती हैं।

Gold and Silver Prices: घरेलू सर्राफा बाजार में वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान सोना और चांदी की कीमतों में मध्यम स्तर की तेजी बने रहने की संभावना जताई जा रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, व्यापार युद्ध की आशंका और वैश्विक मंदी के बढ़ते जोखिम के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों यानी ‘सेफ-हेवन’ की ओर रुख करेंगे। इसका सीधा फायदा सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं को मिल सकता है। हालांकि, ऊंची ब्याज दरें इनकी कीमतों में बहुत तेज उछाल को सीमित कर सकती हैं।

सोना-चांदी में इस साल फिर आएगी तेजी या होगी और गिरावट? एक्सपर्ट्स की भविष्यवाणी ने बढ़ाई हलचल

पिछले वित्त वर्ष में जोरदार तेजी

वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो यह कीमती धातुओं के लिए बेहद मजबूत साल साबित हुआ। इस दौरान चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। एक अप्रैल 2025 को चांदी का वायदा भाव 99,461 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो बढ़कर 1,41,431 रुपये तक पहुंच गया। यानी इसमें करीब 142 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, सोने की कीमत भी 90,503 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर करीब 60,258 रुपये तक पहुंची, जो करीब 67 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाती है। इस तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण रहे, जिनमें अमेरिकी प्रशासन द्वारा शुल्क बढ़ाने की नीति, भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों की बड़ी खरीदारी, सप्लाई की कमी और आर्थिक अनिश्चितता प्रमुख हैं।

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