Global Gold Demand: 2025 में सोने की वैश्विक मांग 5,000 टन से ऊपर पहुंचकर एक नए सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। यह जानकारी विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) ने अपनी हालिया रिपोर्ट ‘2025 की स्वर्ण मांग के रुझान’ में दी है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल सोने की मांग 2025 में 5,002 टन तक पहुंच गई, जबकि पिछले साल यह केवल 4,961.9 टन थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि सोने की बढ़ती मांग के पीछे मुख्य कारण निवेश मांग में तेज उछाल है। 2025 में निवेश के लिए सोने की मांग 2,175.3 टन रही, जो 2024 में केवल 1,185.4 टन थी। यानी निवेशकों ने सोने में भरोसा जताया और इसे अपने पास रखना ज्यादा पसंद किया। WGC की वरिष्ठ बाजार विश्लेषक लुईस स्ट्रीट ने कहा कि 2025 में सोने की मांग में जबरदस्त उछाल और कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई। ऐसे समय में, जब आर्थिक और भू-राजनीतिक जोखिम नई सामान्य स्थिति बन चुके हैं, उपभोक्ताओं और निवेशकों दोनों ने सोना खरीदा और सुरक्षित रखा।
वैश्विक स्तर पर सोने की मांग (तस्वीर-istock)
उपभोक्ता मांग में मामूली बढ़ोतरी
जहां निवेश मांग में बड़ी तेजी देखी गई, वहीं उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत सोने की खरीदारी यानी ज्वेलरी और अन्य उपयोग के लिए सोने की मांग में भी वृद्धि हुई। चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उपभोक्ता मांग 2 प्रतिशत बढ़कर 1,345.3 टन हो गई, जबकि पिछली समान तिमाही में यह 1,318.5 टन थी। इसका मतलब है कि लोग व्यक्तिगत निवेश और ज्वेलरी खरीद में भी सोने की ओर आकर्षित हुए हैं।
सोने की कीमतों में तेजी का कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं हैं। बढ़ते मुद्रास्फीति, वित्तीय बाजार में उतार-चढ़ाव, और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर बढ़ रहे हैं। लुईस स्ट्रीट ने कहा कि ऐसे समय में जब आर्थिक स्थिरता अनिश्चित है, निवेशक और उपभोक्ता दोनों ही सोने को सुरक्षित आश्रय मानते हैं। यही वजह है कि 2025 में मांग में इतना बड़ा उछाल आया।
भविष्य के रुझान
विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियां इसी तरह अनिश्चित बनी रहीं, तो सोने की मांग आने वाले वर्षों में भी उच्च स्तर पर बनी रह सकती है। निवेशक और व्यक्तिगत खरीदार दोनों ही सोने को अपने पोर्टफोलियो का सुरक्षित हिस्सा मान रहे हैं। 2025 में सोने की मांग का बढ़ना यह संकेत देता है कि वैश्विक बाजार में लोग अब भी सुरक्षित निवेश और संपत्ति संरक्षित रखने की सोच रखते हैं। निवेशकों और उपभोक्ताओं की यह प्रतिक्रिया न सिर्फ सोने की कीमतों को ऊपर ले गई, बल्कि इसे भविष्य के लिए भी आकर्षक विकल्प बना दिया है।
