Global Market Signals: ग्लोबल बाजारों से आज मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं, जहां एशियाई बाजारों में तेजी दिख रही है, वहीं अमेरिकी और यूरोपीय बाजार अब भी दबाव में हैं। कच्चे तेल में उछाल और डॉलर की मजबूती ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे बाजार की दिशा पर अनिश्चितता बनी हुई है। GIFT Nifty में करीब 436 अंकों का तेज उछाल दिख रही है, जो लगभग 1.6%–2% की मजबूती के संकेत के साथ भारतीय बाजार के लिए मजबूत शुरुआत का इशारा कर रही है। यह तेजी मुख्य रूप से ग्लोबल राहत संकेतों और एशियाई बाजारों की मजबूती के चलते आई है, जिससे संकेत मिल रहा है कि घरेलू बाजार में शुरुआती कारोबार पॉजिटिव रह सकता है।
शेयर बाजार में तेजी के संकेत
एशिया की तेजी से मजबूत शुरुआत के संकेत
एशियाई बाजारों में आज व्यापक खरीदारी देखने को मिल रही है। GIFT Nifty करीब 436 अंकों की मजबूती के साथ ट्रेड कर रहा है, जो भारतीय बाजार के लिए मजबूत शुरुआत का संकेत दे रहा है। जापान का Nikkei, हांगकांग का Hang Seng और दक्षिण कोरिया का Kospi भी बढ़त में हैं, जिससे सेंटीमेंट पॉजिटिव बना हुआ है।
| इंडेक्स | लेटेस्ट स्तर (LTP) | बदलाव | % बदलाव | YTD (%) |
|---|---|---|---|---|
| GIFT Nifty | 22,901.00 | +436.00 | +1.94% | -12.89% |
| Nikkei 225 | 51,994.00 | +478.51 | +0.93% | +3.29% |
| Straits Times | 4,842.89 | +1.59 | +0.03% | +4.23% |
| Hang Seng | 24,730.00 | +347.53 | +1.43% | -6.11% |
| Taiwan Weighted | 32,780.62 | +58.12 | +0.18% | +11.69% |
| KOSPI | 5,495.49 | +89.74 | +1.66% | +27.52% |
| SET Composite | 1,397.34 | 0.00 | 0.00% | +9.16% |
| Jakarta Composite | 7,106.84 | +84.55 | +1.19% | -18.76% |
| Shanghai Composite | 3,850.63 | +37.35 | +0.98% | -2.98% |
रिकवरी, लेकिन ट्रेंड कमजोर
अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों के सहारे रिकवरी जरूर दिखी है। Nasdaq और S&P 500 में 1% से ज्यादा की तेजी दर्ज हुई, लेकिन Dow Jones Futures अभी भी गिरावट में है। अहम बात यह है कि तीनों प्रमुख इंडेक्स की टेक्निकल रेटिंग अब भी “Very Bearish” बनी हुई है, जो बाजार की कमजोरी को दर्शाती है।
यूरोप में उछाल के बावजूद भरोसे की कमी
यूरोपीय बाजारों में DAX और CAC में तेजी आई, लेकिन FTSE दबाव में रहा। इसके बावजूद पूरे यूरोप में टेक्निकल संकेत कमजोर बने हुए हैं। यह दिखाता है कि मौजूदा तेजी टिकाऊ नहीं मानी जा रही और निवेशक अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
कच्चे तेल में उछाल ने बढ़ाई चिंता
ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के ऊपर निकल चुका है और 3% से ज्यादा की तेजी दिखा रहा है। कच्चे तेल की यह तेजी वैश्विक महंगाई को बढ़ाने वाली मानी जाती है, जो इक्विटी बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है। दूसरी ओर, सोने में हल्की गिरावट दिख रही है, जिससे सेफ हेवन डिमांड कमजोर नजर आ रही है।
| सेगमेंट | नाम | कीमत / स्तर | बदलाव | % बदलाव | हाई | लो | ओपन | पिछला बंद | YTD (%) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| कमोडिटी | Brent Crude | 103.52 | +3.58 | +3.58% | 104.20 | 100.52 | 100.96 | 99.94 | +70.15% |
| कमोडिटी | Gold | 4,372.69 | -35.46 | -0.80% | 4,448.62 | 4,305.73 | 4,440.83 | 4,408.15 | +1.22% |
| कमोडिटी | Crude Oil | 91.16 | +3.03 | +3.43% | 92.01 | 88.50 | 89.69 | 88.13 | +58.78% |
| करेंसी | Dollar Index | 99.32 | +0.18 | +0.18% | 99.40 | 99.14 | 99.17 | 99.14 | — |
| करेंसी | USD/INR | 93.97 | +0.25 | +0.27% | 93.98 | 93.80 | 93.84 | 93.72 | — |
डॉलर मजबूत, रुपये पर दबाव
डॉलर इंडेक्स में मजबूती बनी हुई है और USD/INR 94 के करीब पहुंच गया है। मजबूत डॉलर आमतौर पर उभरते बाजारों से पूंजी निकासी को बढ़ाता है, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव आ सकता है।
क्या रहेगी बाजार की रणनीति
ग्लोबल संकेतों को देखें तो भारतीय बाजार की शुरुआत मजबूत हो सकती है, लेकिन ऊपर के स्तरों पर दबाव देखने को मिल सकता है। एशियाई तेजी सपोर्ट दे रही है, जबकि US और यूरोप की कमजोरी और कच्चे तेल की तेजी बाजार की तेजी को सीमित कर सकती है। ऐसे में बाजार में “Sell on Rise” की रणनीति हावी रह सकती है।
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