FD Vs PPF: ब्याज दर, लॉक-इन पीरियड, टैक्स छूट और रिस्क फ्री इन्वेस्टमेंट के लिए कौन है बेहतर?

FD vs PPF: अगर आप लंबी अवधि का टैक्स-फ्री और सुरक्षित निवेश चाहते हैं तो PPF बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं अगर आपको कम अवधि और जरूरत पड़ने पर जल्दी पैसे निकालने की सुविधा चाहिए तो FD ज्यादा उपयुक्त रहेगा।

FD vs PPF: आम निवेशकों के बीच फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) दोनों ही काफी पॉपुलर निवेश विकल्प है। इसकी वजह यह है कि इन दोनों निवेश पर रिस्क बहुत ही कम और तय समय बाद गारंटीड रिटर्न मिलना है। इसलिए छोटे से बड़े शहरों में रहने वाले निवेशक इन दोनों परंपरागत निवेश माध्यम में निवेश करते हैं। लेकिन सवाल उठता है कि इन दोनों में बेहतर कौन है? अगर हम ब्याज दर, लॉक-इन पीरियड, टैक्स छूट और रिस्क फ्री इन्वेस्टमेंट के पैरामीटर पर मांपे तो कौन बेहतर निवेश विकल्प बनकर उभरेगा? आइए समझने की कोशिश करते हैं।

PPF Vs FD

पीपीएफ बनाम एफडी

फिक्स्ड डिपॉजिट किसके लिए बेस्ट?

FD, खास लक्ष्यों के लिए बचत करने के लिहाज से बेहतरीन निवेश विकल्प है। बैंक 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि की एफडी उपलब्ध कराते हैं। इसका फायदा उठाकर आप बच्चों की पढ़ाई, स्कूल की फीस, और यात्रा या शादी-ब्याह जैसे बड़े और पहले से तय खर्चों के लिए भी अलग-अलग FD खुलवा सकते हैं। अधिकांश बैंक कम अवधि की जमाओं की तुलना में मध्यम से लंबी अवधि की जमाओं पर ज्यादा ब्याज देते हैं। आप एफडी कराने से पहले अपनी जरूरत के अनुसार अवधि का चुनाव कर सकते हैं। साथ ही ब्याज पर खास ख्याल रखें। यह देखें कि कहां आपको ज्यादा ब्याज मिल रहा है। हालांकि, जोखिम का भी ख्याल रखें। बड़े बैंकों के मुकाबले स्मॉल फाइनेंस बैंक में ज्यादा ब्याज मिल सकता है लेकिन जोखिम भी बढ़ जाएगा।

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