ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Nuvama की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी जंप देखने को मिल सकता है। ब्रोकरेज फर्म Nuvama का मानना है कि अगर Strait of Hormuz में बाधा जारी रही तो अगले 4–8 हफ्तों में Brent क्रूड 110 से 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है, जिससे एशिया और भारत पर बड़ा असर पड़ेगा। बहरहाल, अगर ब्रेंट क्रूड 150 डॉलर प्रति बैरल पहुंच जाता है, तो भारत में क्रूड और पेट्रोल-डीजल का दाम कितना होगा, यहां समझें पूरा गणित।
तेल बाजार को बड़ा झटका
दुनिया के सबसे अहम ऑयल शिपिंग रूट Strait of Hormuz में जारी तनाव ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट की चिंता बढ़ा दी है। Nuvama की रिपोर्ट के मुताबिक अगर इस समुद्री मार्ग में रुकावट जारी रहती है तो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा संभालता है और यहां से रोजाना करीब 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल गुजरता है। ऐसे में सप्लाई बाधित होने का असर सीधे वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है।
$150 तक जा सकता है ब्रेंट क्रूड
ब्रोकरेज का अनुमान है कि सप्लाई शॉक के कारण Brent crude 110 से 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। हालांकि, फिलहाल बाजार में थोड़ी नरमी दिखी है। शुक्रवार सुबह शुरुआती कारोबार में Brent करीब 100 डॉलर प्रति बैरल और WTI करीब 95.5 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था। इसके बावजूद गुरुवार को तेल की कीमतों में करीब 9% की इंट्राडे उछाल देखी गई, जो 2020 के बाद सबसे बड़ी एक दिन की तेजी मानी जा रही है।
एशिया पर सबसे ज्यादा असर
Nuvama का मानना है कि सप्लाई बाधित होने का सबसे बड़ा असर एशियाई देशों पर पड़ेगा। चीन, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े तेल आयातक देशों को इसी मार्ग से भारी मात्रा में कच्चा तेल मिलता है। अगर सप्लाई बाधित होती है तो इन देशों के लिए ऊर्जा लागत तेजी से बढ़ सकती है।
भारत में LPG और LNG सप्लाई पर खतरा
रिपोर्ट के मुताबिक भारत के लिए शॉर्ट टर्म में कच्चे तेल की सप्लाई संभालने लायक रह सकती है, क्योंकि रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves) कुछ समय तक राहत दे सकते हैं। लेकिन LNG और LPG के मामले में स्थिति ज्यादा संवेदनशील हो सकती है। अगर Hormuz बंद रहता है तो कतर और अबूधाबी से आने वाली करीब 80 mtpa LNG सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसका असर भारत में गैस की कीमतों पर पड़ेगा और LPG की कमी से कुकिंग गैस सप्लाई बाधित होने का जोखिम भी पैदा हो सकता है।
रिफाइनिंग मार्जिन और फ्यूल कीमतों पर असर
तेल सप्लाई में कमी के कारण कई रिफाइनरियां अपनी प्रोसेसिंग कम कर रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर 2.5–3 मिलियन बैरल प्रतिदिन की रिफाइनिंग कटौती देखी जा रही है। इससे पेट्रोल-डीजल जैसे उत्पादों की सप्लाई घट सकती है और एशिया में रिफाइनिंग मार्जिन मजबूत बने रह सकते हैं।
Impact of Crude at 150 in India
भारत के लिए कितना महंगा होगा क्रूड
अगर Brent crude $150 प्रति बैरल तक जाता है, तो इंडियन बास्केट में क्रूड की कीमत भी लगभग इसी अनुपात में बढ़ेगी। भारतीय बास्केट आम तौर पर Brent से थोड़ा डिस्काउंट पर ट्रेड करती है, क्योंकि इसमें सऊदी, इराक, UAE और अन्य ग्रेड्स का औसत शामिल होता है। अभी Indian Basket में क्रूड की कीमत $96–98 प्रति बैरल के आसपास है, जबकि Brent करीब $100 के पास ट्रेड कर रहा है। इस तरह Brent के $150 होने पर Indian Basket में क्रूड का दाम $145 प्रति बैरल के आसपास हो सकती है।
पेट्रोल-डीजल कितना महंगा
अगर अभी Indian Basket $97 मानें और यह $145 तक पहुंचती है, तो बढ़ोतरी होगी, तो क्रूड के दाम में करीब 50% का उछाल होगा।इसका सीधा असर पेट्रोल और डीजल की लागत पर पड़ेगा। हालांकि, भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत सीधे क्रूड के दाम ये तय नहीं होती है। चूंकि, यह आम लोगों के लिहाज से बेहद संवेदनशील मुद्दा है। ऐसे में कई बार सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भी क्रूड में आने वाले उछाल को सहती हैं, जबकि रिटेल रेट नहीं बढ़ते हैं। अगर टेक्स घटता-बढ़ता नहीं है, तो सिर्फ बेस रेट में आने वाले बदलाव से दिल्ली में डीजल-पेट्रोल के रेट कितने होंगे, इसे नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है।
| ईंधन | मौजूदा औसत कीमत* | संभावित बढ़ोतरी | संभावित नई कीमत |
|---|---|---|---|
| पेट्रोल | ~₹95–100/लीटर | ₹20–25 | ~₹115–125 |
| डीजल | ~₹88–92/लीटर | ₹20–25 | ~₹108–115 |
लेकिन, अगर क्रूड के अनुपात में देखा जाए, तो मोटे तौर पर भारत में यह कच्चे तेल में $1 प्रति बैरल की बढ़ोतरी से पेट्रोल-डीजल की बेस कीमत करीब ₹0.45–₹0.50 प्रति लीटर बढ़ती है। ऐसे में अगर इंडियन बास्केट में क्रूड $145 पहुंचता है, तो $48 प्रति बैरल के हिसाब से पेट्रोल-डीजल की कीमत में ₹24 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
