केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शनिवार को कहा कि वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी सभी संस्थाओं को साइबर सुरक्षा के खतरों के प्रति बहुत ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। Securities and Exchange Board of India (सेबी) के 38वें स्थापना दिवस पर उन्होंने समझाया कि अगर शेयर बाजार या डिपॉजिटरी जैसी किसी संस्था पर एक भी साइबर हमला होता है, तो इससे देश की आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे हमलों से आम लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है, इसलिए जरूरी है कि सभी संस्थाएं अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखें और हर समय सावधान रहें।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित नए और उन्नत उपकरणों के आने से स्वचालित साइबर हमलों का खतरा बढ़ा है, जिससे साइबर सुरक्षा की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
सभी को सावधान रहने की जरूरत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि सिर्फ सेबी ही नहीं, बल्कि सभी नियमों से चलने वाली संस्थाओं को बहुत सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने समझाया कि साइबर हमले और धोखाधड़ी के तरीके तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए उनसे बचाव के उपाय भी उससे ज्यादा तेजी से अपडेट और मजबूत करने होंगे।
कंद्रीय मंत्री यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एआई कंपनी एंथ्रोपिक के नए ’माइथोस’ मंच को लेकर साइबर सुरक्षा क्षमताओं पर चिंताएं बढ़ी हैं, जिसके कारण विभिन्न देशों के नियामक संभावित व्यवधानों को रोकने के उपायों पर विचार कर रहे हैं।
वित्त मंत्री ने सेबी से आग्रह किया कि वह वैश्विक नियामक संस्थाओं के साथ नियमित परामर्श की एक व्यवस्था को संस्थागत रूप दे, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय नियमन को अन्य देशों की नकल नहीं करनी चाहिए। विदेशी पूंजी प्रवाह को लेकर बनी असहजता के बीच उन्होंने कहा कि नियामकों के बीच इस तरह का संवाद वैश्विक निवेशकों में भरोसा बढ़ा सकता है।
(इनपुट-भाषा)
