Airport electronic processing facility: केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने मंगलवार (01 अप्रैल 2025) को एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें बताया गया कि 1 मई, 2025 से कुछ प्रमुख हवाई अड्डों पर हवाई यात्रियों द्वारा व्यक्तिगत परिवहन के जरिये आयात और निर्यात का इलेक्ट्रॉनिक प्रसंस्करण शुरू किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य व्यापार को अधिक सुविधाजनक और सुगम बनाना है, खासकर रत्न और आभूषणों के मामले में।
9 एयरपोर्ट्स पर आयात और निर्यात का इलेक्ट्रॉनिक प्रसंस्करण होगा शुरू (तस्वीर-Canva)
CBIC ने कहा कि इस नई व्यवस्था के तहत 9 प्रमुख हवाई अड्डों- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, कोच्चि, कोयंबटूर, बेंगलुरु, हैदराबाद और जयपुर - पर रत्न और आभूषणों के व्यक्तिगत परिवहन के जरिए निर्यात की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही 7 हवाई अड्डों- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और जयपुर- पर रत्न और आभूषणों के आयात के लिए भी इसी सिस्टम के तहत अनुमति प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा CBIC ने यह भी बताया कि 4 हवाई अड्डों- बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली और मुंबई - पर मशीनरी के नमूने और प्रोटोटाइप के आयात-निर्यात के लिए भी व्यक्तिगत परिवहन की अनुमति दी जाएगी।
इस नई व्यवस्था में, हवाई यात्रियों को रत्न, आभूषण, और मशीनरी के नमूनों के आयात या निर्यात के संबंध में बिल ऑफ एंट्री या शिपिंग बिल को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से प्रसंस्कृत करने का अवसर मिलेगा। इससे व्यापारियों और हवाई यात्रियों को कागजी कार्यवाही के झंझट से छुटकारा मिलेगा और प्रक्रिया को और अधिक तेज और प्रभावी बनाया जाएगा।
CBIC ने इस कदम को व्यापारिक समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में पेश किया है, जो विशेष रूप से रत्न और आभूषण व्यापारियों के लिए फायदेमंद होगा। यह कदम सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाने के साथ-साथ व्यापारिक व्यवहार को सुगम बनाएगा, जिससे वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति मजबूत होगी। (भाषा इनपुट के साथ)
