Indigo Airlines : नागर विमानन नियामक महानिदेशालय (DGCA) ने विमानन कंपनी इंडिगो पर पायलट प्रशिक्षण में कथित खामियों के कारण 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। DGCA की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह जुर्माना इंडिगो द्वारा श्रेणी ‘सी’ के हवाई अड्डों पर पायलट प्रशिक्षण के लिए योग्य ‘सिमुलेटर’ का उपयोग न करने के कारण लगाया गया है।
इंडिगो पर 20 लाख रुपये का जुर्माना (तस्वीर-istock)
श्रेणी ‘सी’ हवाई अड्डों की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक श्रेणी ‘सी’ के हवाई अड्डे आमतौर पर परिचालन और पहुंच के लिहाज से अधिक चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं। इस श्रेणी के हवाई अड्डों पर पायलटों का उचित प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है ताकि वे इन परिस्थितियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें। DGCA ने माना है कि इंडिगो ने इन हवाई अड्डों के लिए मानक प्रशिक्षण सुविधाओं के तहत आवश्यक ‘सिमुलेटर’ का उपयोग नहीं किया, जो एक गंभीर नियामकीय उल्लंघन है।
इंडिगो ने जुर्माने को चुनौती देने की तैयारी शुरू की
इंडिगो ने बुधवार को शेयर बाजार को सूचना देते हुए बताया कि उसे 26 सितंबर को DGCA से इस जुर्माने का नोटिस मिला था। कंपनी ने कहा है कि उसने जुर्माने की सूचना देने में आंतरिक संप्रेषण में देरी के कारण कुछ समय लगा। इसके बावजूद, इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि DGCA के इस आदेश का उसकी वित्तीय स्थिति, परिचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
कंपनी ने आगे कहा कि वह DGCA के इस फैसले को उपयुक्त अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष चुनौती देने की योजना बना रही है। इंडिगो का मानना है कि इस जुर्माने के पीछे की व्याख्या और तथ्यपूर्ण स्थिति का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक है।
विमानन क्षेत्र में प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका
पायलट प्रशिक्षण की गुणवत्ता और नियामकीय अनुपालन एयरलाइन कंपनियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, खासकर उन हवाई अड्डों पर जहां परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होती हैं। DGCA का यह कदम इंडिगो समेत सभी एयरलाइन कंपनियों को पायलट प्रशिक्षण के मानकों को गंभीरता से पालन करने के लिए सतर्क करता है। इंडिगो जैसे बड़े विमानन समूह की इस मामले में अपील प्रक्रिया से विमानन नियामक और एयरलाइन कंपनियों के बीच बेहतर संवाद और प्रशिक्षण के मानकों में सुधार की उम्मीद है।
