Daily SIP vs Monthly SIP: आज के समय में SIP (Systematic Investment Plan) निवेश का एक बेहद लोकप्रिय तरीका बन चुका है। कई लोग हर महीने SIP करते हैं, जबकि कुछ निवेशक डेली SIP का भी विकल्प चुनते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि डेली SIP और मंथली SIP में कितनाक्या अंतर होता है और कौन-सा विकल्प ज्यादा बेहतर माना जा सकता है। अगर 10 साल के निवेश का उदाहरण देखें तो दोनों के रिटर्न में अंतर दिखाई देता है।
SIP (Photo: iStock)
कहां कितना मिलेगा रिटर्न
SIP (Photo: iStock)
मान लीजिए कोई व्यक्ति रोजाना 400 रुपये की डेली SIP करता है। अगर यह निवेश लगातार 10 साल तक जारी रखा जाए और अनुमानित सालाना रिटर्न 12 प्रतिशत माना जाए, तो 10 साल बाद कुल मैच्योरिटी अमाउंट लगभग 28,22,940 रुपये हो सकता है। इस दौरान निवेशक की कुल निवेश राशि लगभग 14,60,000 रुपये होगी, जबकि अनुमानित रिटर्न करीब 13,62,940 रुपये तक पहुंच सकता है।
| डिटेल्स | जानकारी |
|---|---|
| SIP निवेश | ₹400 प्रतिदिन |
| टाइम पीरियड | 10 साल |
| अनुमानित रिटर्न रेट | 12% सालाना |
| कुल निवेश | ₹14,60,000 |
| अनुमानित रिटर्न | ₹13,62,940 |
| मैच्योरिटी अमाउंट | ₹28,22,940 |
दूसरी तरफ, अगर कोई व्यक्ति हर महीने 12,000 रुपये की मंथली SIP करता है, तो 10 साल बाद 12 प्रतिशत के अनुमानित रिटर्न पर कुल मैच्योरिटी अमाउंट लगभग 26,88,431 रुपये हो सकता है। इसमें कुल निवेश राशि 14,40,000 रुपये होगी और अनुमानित रिटर्न करीब 12,48,431 रुपये तक पहुंच सकता है।
| डिटेल्स | जानकारी |
|---|---|
| SIP निवेश | ₹12,000 प्रतिमाह |
| टाइम पीरियड | 10 साल |
| अनुमानित रिटर्न रेट | 12% सालाना |
| कुल निवेश | ₹14,40,000 |
| अनुमानित रिटर्न | ₹12,48,431 |
| मैच्योरिटी अमाउंट | ₹26,88,431 |
दोनों में क्या है अंतर
अगर दोनों विकल्पों की तुलना करें, तो डेली SIP में कुल निवेश थोड़ा ज्यादा है, क्योंकि इसमें रोजाना 400 रुपये निवेश करने पर कुल राशि 14.6 लाख रुपये तक पहुंचती है। यही वजह है कि मैच्योरिटी अमाउंट भी ज्यादा दिखाई देता है। हालांकि केवल SIP की फ्रिक्वेंसी यानी Daily या Monthly ही अंतर की वजह नहीं होती, बल्कि कुल निवेश राशि भी इसमें अहम भूमिका निभाती है।
डेली SIP में निवेश हर बाजार दिन थोड़ा-थोड़ा करके होता है। इससे अलग-अलग NAV पर यूनिट्स खरीदी जाती हैं और market volatility averaging का फायदा मिल सकता है। कुछ निवेशकों को यह तरीका पसंद आता है क्योंकि इससे निवेश की आदत रोजाना बनी रहती है।
इसे कुछ यूं समझ सकते हैं कि डेली एसआपी पर हर दिन थोड़ी रकम निवेश की जाती है। हर दिन बाजार ऊपर-नीचे होने की वजह से अलग-अलग कीमत पर यूनिट्स खरीदी जाती हैं, इससे निवेश का एवरेज संतुलित हो जाता है। डेली एसआई को इसलिए भी पसंद किया जाता है क्योंकि रोजाना की छोटी बचत के निवेश करना आसान है। इससे नियमित निवेश की आदत भी बनती है।
दूसरी ओर, मंथली एसआईपी में हर महीने एक तय रकम निवेश की जाती है। खास कर नौकरीपेशा लोगों के लिए मंथली एसआईपी निवेश का एक सहज विकल्प बन जाता है। हर महीने सैलरी आने के साथ ही मंथली एसआईपी के लिए कुछ राशि अलग की जा सकती है। मंथली एसआईपी को मैनेज करना भी आसान है, क्योंकि इसमें ऑटो-डेबिट के साथ निवेश नियमित बना रहता है।
