साइबर ठगों की अब खैर नहीं! RBI बनाएगा नया SOP, सुप्रीम कोर्ट ने दिए सख्त आदेश

उच्चतम न्यायालय ने पिछले सप्ताह सुझाव दिया था कि केंद्र 'डिजिटल अरेस्ट’ को आपराधिक कानून में परिभाषित कर इसे कड़े दंड के साथ अलग अपराध के रूप में शामिल करने पर विचार करे।

देश में बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। SC ने मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI ) को निर्देश दिया कि वह 'फर्जी खातों’ एवं अन्य बैंक खातों के जरिये की जाने वाली साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर उसे प्रसारित करे। 'फर्जी खाता’ का मतलब ऐसे बैंक खातों से है जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी के धन को स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है।

Cyber Fraud

ऑनलाइन फ्रॉड

राज्यों और पुलिस को भी निर्देश

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने की व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से कई निर्देश जारी किए। पीठ ने सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों के निवारण और गंवाए गए धन को लौटाने का मॉड्यूल शीघ्र लागू करें, ताकि पीड़ितों को राहत मिल सके। उच्चतम न्यायालय ने 'डिजिटल अरेस्ट से जुड़े फर्जी दस्तावेज’ मामले में स्वतः संज्ञान याचिका की सुनवाई करते हुए ये निर्देश जारी किए।

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