आजकल लगभग हर क्रेडिट कार्ड यूजर ग्रोसरी शॉपिंग, यूटिलिटी बिल पेमेंट, ऑनलाइन ऑर्डर या ट्रैवल बुकिंग करते समय ढेर सारे रिवॉर्ड पॉइंट्स हासिल करता है। लेकिन सही जानकारी और सही रणनीति के अभाव में देश के ज्यादातर लोग इन पॉइंट्स को अपने कार्ड अकाउंट में ऐसे ही पड़ा रहने देते हैं। समय बीतने के साथ-साथ ये पॉइंट्स धीरे-धीरे एक्सपायर (Expire) हो जाते हैं, जिससे यूजर्स को सीधा आर्थिक नुकसान होता है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि सही समय और सही तरीके से इनका उपयोग किया जाए, तो ये रिवॉर्ड पॉइंट्स बिल्कुल असली कैश की तरह काम करते हैं और आपके मासिक बजट से हजारों रुपये की बचत करा सकते हैं।
बेकार पड़े हैं क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स?
कैसे इस्तेमाल करें रिवार्ड्स पॉइंट्स?
रिवॉर्ड पॉइंट्स का अधिकतम मूल्य (Maximum Value) हासिल करने के लिए सबसे पहले अपने बैंक के 'रिडेम्पशन कैटलॉग' (Redemption Catalog) को समझना बेहद जरूरी है। अक्सर कार्डधारक अपने पॉइंट्स को बैंक स्टेटमेंट या सीधे क्रेडिट कार्ड बिल के खिलाफ एडजस्ट करा लेते हैं, जिसे 'कैशबैक रिडेम्पशन' कहा जाता है। देखने में यह तरीका आसान लगता है, लेकिन इसमें 1 रिवॉर्ड पॉइंट की वैल्यू काफी कम (जैसे 20 से 25 पैसे) मिलती है। इसकी तुलना में यदि आप अपने पॉइंट्स का इस्तेमाल फ्लाइट टिकट बुकिंग, होटल स्टे या फिर एयरमाइल्स (Air Miles) में ट्रांसफर करने के लिए करते हैं, तो आपको प्रति पॉइंट सबसे ज्यादा वैल्यू (कभी-कभी 1 रुपये या उससे भी अधिक) मिलती है।
इसके अलावा, ब्रांडेड गिफ्ट वाउचर भी पॉइंट्स रिडीम करने का एक शानदार विकल्प हैं। अगर आप नियमित रूप से ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, तो अपने पॉइंट्स के बदले Amazon, Flipkart, Myntra, Zomato या Uber जैसी लोकप्रिय कंपनियों के गिफ्ट वाउचर ले सकते हैं। त्यौहारों, दिवाली, न्यू ईयर, या बैंक के एनिवर्सरी सेल्स के दौरान कंपनियां विशेष प्रमोशनल ऑफर्स लाती हैं। इन खास मौकों पर अक्सर 10% से 30% तक अतिरिक्त बोनस रिवार्ड्स या कम पॉइंट्स में बड़े वाउचर्स मिलते हैं। ऐसे में सही समय का इंतजार करके रिडेम्पशन करना आपकी बचत को दोगुना कर सकता है।
इस चीज का रखें ध्यान
सबसे महत्वपूर्ण बात यह ध्यान में रखनी चाहिए कि एक्सिस, एचडीएफसी, एसबीआई और आईसीआईसीआई जैसे बैंकों के क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स की एक निश्चित एक्सपायरी डेट (Validity Period) होती है जो आमतौर पर 1 से 3 साल के बीच होती है। कई बार एंट्री-लेवल कार्ड्स पर प्रोसेसिंग फीस या रिडेम्पशन चार्ज भी लगता है। इसलिए, महीने में कम से कम एक बार अपने बैंक के मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग पोर्टल पर जाकर पॉइंट्स का बैलेंस और उनकी एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। स्मार्ट प्लान बनाएं, समय रहते पॉइंट्स को रिडीम करें और अपने कार्ड के इस्तेमाल का पूरा फायदा उठाएं।
