Chief Justice of India: भारत के प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने मार्केट रेगुलेटर SEBI और SAT (Securities Appellate Tribunal) को शेयर बाजारों में जोरदार तेजी के बीच सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने अधिक न्यायाधिकरण पीठों की भी वकालत की ताकि इनकी 'स्थिर नींव' सुनिश्चित की जा सके। प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने नए प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) परिसर का उद्घाटन करते हुए अधिकारियों से सैट की नई पीठें खोलने पर विचार करने का आग्रह किया, क्योंकि अधिक मात्रा में लेन-देन और नए नियमों के कारण वर्कलोड बढ़ गया है।
चीफ जस्टिस की SEBI और SAT को सलाह
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सेबी और सैट की भूमिका
बीएसई के 80,000 अंक का आंकड़ा पार करने को उल्लास से भरा क्षण बताने वाली खबरों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं रेगुलेटरी अथॉरिटीज के लिए यह सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर देता है कि जीत के बीच हर कोई अपना 'बैलेंस और धैर्य' बनाए रखे।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि आप शेयर बाजार में जितनी अधिक तेजी देखेंगे, मेरा मानना है कि सेबी और सैट की भूमिका उतनी ही अधिक होगी। ये संस्थान सतर्कता बरतेंगे, सफलताओं का जश्न मनाएंगे लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि इसकी नींव स्थिर रहे।
6700 से अधिक अपीलों का किया निपटारा
उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) और सैट जैसे अपीलीय मंच के स्थिर और पूर्वानुमानित निवेश वातावरण को बढ़ावा देने के पीछे उनका 'अत्यधिक राष्ट्रीय महत्व' हैं। सैट के पीठासीन अधिकारी न्यायमूर्ति पी. एस. दिनेश कुमार ने कहा कि सैट में 1,028 अपीलें लंबित हैं। 1997 में अपनी स्थापना के बाद से इसने 6,700 से अधिक अपीलों का निपटारा किया है।
सैट की नई वेबसाइट लॉन्च
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि फाइनेंशियल सेक्टर में समय पर कार्रवाई और गलतियों को सुधारना बेहद जरूरी है। प्रधान न्यायाधीश ने गुरुवार को सैट की नई वेबसाइट भी लॉन्च की। इसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने तैयार किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सेक्टर में प्रगति के साथ न्याय तक पहुंच की अवधारणा पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
