क्या किरायेदार पर नजर रखने के लिए मकान मालिक लगा सकता है CCTV?

क्या आपका मकान मालिक भी आपके फ्लैट या कमरे के ठीक बाहर सीसीटीवी कैमरा लगाकर आप पर नजर रखता है? जानिए क्या कहते हैं प्राइवेसी और सुरक्षा से जुड़े कानून, और ऐसी स्थिति में आपके पास क्या कानूनी अधिकार हैं।

सुरक्षा के लिहाज से आजकल घरों और सोसायटियों में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाना काफी आम हो गया है। हालांकि, जब बात किराए के मकान की आती है, तो मकान मालिक और किरायेदार के बीच सीसीटीवी कैमरों को लेकर अक्सर विवाद छिड़ जाता है। मकान मालिक सुरक्षा का हवाला देकर कैमरे लगवाते हैं, जबकि किरायेदारों को अपनी प्राइवेसी में खलल पड़ने का डर रहता है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि भारतीय कानून के अनुसार मकान मालिक किन जगहों पर कैमरे लगा सकता है और कहां ऐसा करना पूरी तरह से गैर-कानूनी है।

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क्या किरायेदार पर नजर रखने के लिए मकान मालिक लगा सकता है CCTV?

क्या है मकान मालिक के हक़?

कानूनी नियमों के अनुसार, मकान मालिक अपनी प्रॉपर्टी की सुरक्षा के लिए कॉमन एरिया (Common Areas) में सीसीटीवी कैमरे लगाने का पूरा हक रखता है। यानी बिल्डिंग की मेन एंट्री/एग्जिट गेट, सीढ़ियों, लिफ्ट, पार्किंग एरिया, बालकनी या कॉमन गैलरी जैसी सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा के उद्देश्य से कैमरे लगाए जा सकते हैं। इस तरह के सीसीटीवी इंस्टॉलेशन को कानून गलत नहीं मानता, बशर्ते इसका उद्देश्य सिर्फ सुरक्षा हो न कि किरायेदारों के निजी जीवन पर नजर रखना या उनकी जासूसी करना।

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