Union Budget 2026 से पहले केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) ने आगामी बजट में ड्यूटी रैशनलाइजेशन की मांग की है । मंत्रालय का मानना है कि इससे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बूस्ट मिल सकता है। ET Now की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस संबंध में MeitY की तरफ से एक प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा गया है। मंत्रालय का फोकस खासतौर पर डिस्प्ले असेंबली और ऑडियो कंपोनेंट्स जैसे सेगमेंट पर है, जहां इंडस्ट्री लंबे समय से इनपुट और फाइनल प्रोडक्ट्स के बीच इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर की शिकायत करती रही है।
बजट की बड़ी तैयारी
डिस्प्ले असेंबली पर BCD घटाने की मांग
रिपोर्ट के मुताबिक MeitY ने तमाम तरह के डिस्प्ले की असेंबली से जुड़े कंपोनेंट्स पर ड्यूटी रैशनलाइजेशन का प्रस्ताव रखा है। मंत्रालय ने इंडस्ट्री की मांग को एंडोर्स करते हुए डिस्प्ले असेंबली पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी (BCD) 5% करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही इंडस्ट्री की तरफ से पार्ट्स और इनपुट्स पर NIL ड्यूटी की भी मांग रखी गई है, ताकि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग की कॉस्ट घटे और लोकल वैल्यू एडिशन बढ़े।
ऑडियो कंपोनेंट्स पर 10% ड्यूटी कट का प्रस्ताव
बजट प्रस्तावों में ऑडियो कंपोनेंट्स पर ड्यूटी 10% करने की सिफारिश भी शामिल है। माना जा रहा है कि इससे घरेलू असेंबली और कंपोनेंट इकोसिस्टम को सपोर्ट मिलेगा, खासकर ऐसे समय में जब ग्लोबल ट्रेड में टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता बनी हुई है।
इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर
रिपोर्ट के मुताबिक MeitY का मानना है कि ड्यूटी स्ट्रक्चर में असंगति घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को हतोत्साहित करती है। इसलिए इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दों को इस बार बजट में एड्रेस किए जाने की संभावना है। अगर प्रस्तावों पर सहमति बनती है, तो इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में “मेक इन इंडिया” को नई गति मिल सकती है और भारत की ग्लोबल सप्लाई चेन में भागीदारी मजबूत हो सकती है।
Budget 2026 टाइमलाइन
Finance Minister निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, रविवार को संसद में Budget 2026-27 पेश करेंगी। बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 28 जनवरी को संसद के दोनों सदनों को संबोधित करेंगी। NSE ने भी साफ किया है कि Budget Day पर ट्रेडिंग सेशन सामान्य टाइमिंग के मुताबिक चलेगा, भले ही वह रविवार हो।
कितना बड़ा है बाजार?
भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, अब भी यह बाजार डोमेस्टिक डिमांड से ड्रिवन है। EY की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2030 तक भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इलेक्ट्रॉनिक्स की हिस्सेदारी 500 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। सरकारी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव स्कीम्स और ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रहे बदलावों की वजह से भारत का यह सेक्टर तेजी से ग्रो कर रहा है।
