Budget 2022 Reactions: बजट पर सत्ता-विपक्ष की प्रतिक्रिया, चिदंबरम ने कहा- ये बजट अब तक का सबसे पूंजीवादी भाषण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में बजट 2022-23 पेश किया। इस बजट में उन्होंने कुछ प्रमुख घोषणाएं की हैं। बजट की बड़ी बात यह है कि इस बार इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा डिजिटल करेंसी (क्रिप्टो करेंसी) से कमाई करने वाले लोगों को 30 प्रतिशत का टैक्स देना होगा। वित्त मंत्री ने कॉरपोरेट सरचार्ज 12 प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत कर दिया है। बजट में पांच साल का ब्लू प्रिंट रखा गया है।
वित्त मंत्री ने कहा है कि आरबीआई डिजिटल रुपए लाएगा और देश में 5जी नेटवर्क की शुरुआत होगी। देश में सड़क नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए इस साल 25 हजार किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। सरकार एलआईसी का आईपीओ जल्द लाएगी। वित्त मंत्री ने इस बजट का विकास का बजट करार दिया है। वित्त मंत्री का कहना है अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए पीएम गति शक्ति योजना का मास्टर प्लान तैयार हो गया है। चुनौतियों के बावजूद अर्थव्यवस्था मजबूत है। सरकार तीन साल में 400 नई बंदेमातरम ट्रेन चलाएगी। बजट में क्लीन एनर्जी और आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही गई है। कृषि विश्वविद्यालयों में नए पाठ्यक्रम शामिल किए जाएंगे। बच्चों की शिक्षा के लिए ई-विद्या योजना की शुरुआत होगी। इसके लिए सरकार 200 नए टीवी चैनल शुरू करेगी।
बजट अब तक का सबसे पूंजीवादी भाषण: चिदंबरम
पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि आज का बजट भाषण किसी वित्त मंत्री द्वारा पढ़ा गया अब तक का सबसे पूंजीवादी भाषण था। 'गरीब' शब्द पैरा 6 में केवल दो बार आता है और हम वित्त मंत्री को यह याद रखने के लिए धन्यवाद देते हैं कि इस देश में गरीब लोग हैं; लोग इस पूंजीवादी बजट को खारिज कर देंगे। मैं चकित, स्तब्ध था कि वित्त मंत्री अगले 25 वर्षों के लिए एक योजना की रूपरेखा तैयार कर रही थीं। सरकार को लगता है कि वर्तमान पर किसी ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है और जनता को 'अमृत काल' के उदय होने तक धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा करने के लिए कहा जा सकता है। यह भारत के लोगों का मजाक उड़ा रहा है।
बेरोजगारी-महंगाई पर एक भी शब्द नहीं कहा: पायलट
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि वित्त मंत्री ने गरीबों, युवाओं और बेरोजगारों या यहां तक कि महंगाई के लिए एक शब्द भी नहीं कहा। डिजिटल करेंसी पर कोई कानून नहीं है, लेकिन अब इस पर टैक्स है।
25 साल की बुनियाद रखने वाला ब्लूप्रिंट है बजट: नड्डा
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा कि बजट 2022-23 गरीब कल्याण बजट है। यह बजट एक साल के विकास के एजेंडे वाला बजट नहीं है बल्कि देश के अगले 25 साल की बुनियाद रखने वाला ब्लूप्रिंट है। बजट का आकार बढ़ाकर 39.45 लाख करोड़ करना कोरोना काल में भी भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था को दर्शाता है। अगले 5 साल में MSMEs को लगभग 6,000 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। गरीबों के लिए अतिरिक्त 80 लाख घर बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट में 48,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। नॉर्थ-ईस्ट के विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
यह दिशाहीन बजट है: भूपेश बघेल
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह दिशाहीन बजट है। इसमें किसानों, महिलाओं और युवाओं को देने के लिए कुछ भी नहीं है। यह बजट किसानों की आय दोगुनी करने और स्मार्ट सिटी परियोजना के बारे में कुछ नहीं कहता।
ये गतिमान बजट है: रामदास आठवले
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि बजट में 60 लाख नौकरियां देने और 80 लाख पक्के मकान बनाने का आश्वासन दिया गया है, ये बजट सभी वर्गों को न्याय और देश के विकास को गति देने वाला है। ये गतिमान बजट है, सबको इस बजट का समर्थन करना चाहिए।
बजट सिर्फ अमीरों का है: खड़गे
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इस साल का बजट सिर्फ अमीरों का बजट है, इसमें गरीबों के लिए कुछ भी नहीं है। पहले उन्होंने जो चीजें कही थीं, उसे दुबारा दोहराया है। उन्होंने कॉरपोरेट टैक्स घटाया, ये अमीरों का बजट है।
दिखाते ज्यादा हैं और मिलता कम है: टिकैत
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि बजट का कुछ न कुछ फायदा होता है लेकिन जितना दिखाया जाता है उतना फायदा नहीं होता, दिखाते ज्यादा हैं और मिलता कम है। हमने कहा MSP गारंटी कानून बना दें, इस कानून से कम कीमत में फसलों की खरीद बंद होगी। अभी व्यापारियों को इसका फायदा हो रहा है जो कम कीमत में फसलों को खरीदकर MSP में महंगे कीमत में बेचती है।
ये बोले नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इनोवेशन, रिसर्च, स्टार्टअप को महत्व देते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ और निर्यात बढ़ाने को सोचकर नीतियां बनाई गई हैं। मुझे खुशी है कि नए राष्ट्रीय महामार्ग का निर्माण होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ने से रोजगार और नए भारत का निर्माण होगा।
बजट में युवाओं, किसानों और मध्य वर्ग के लिए कुछ नहीं: राहुल
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि वर्ष 2022-23 के लिए पेश आम बजट में वेतनभोगी वर्ग, मध्य वर्ग, गरीबों, किसानों, युवाओं और छोटे कारोबारियों के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘मोदी सरकार के बजट में कुछ नहीं है। मध्य वर्ग, वेतनभोगी वर्ग, गरीब और वंचित वर्ग, युवाओं, किसानों और एमएसएमई के लिए कुछ नहीं है।’ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में मंगलवार को वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश किया।
बजट में सभी क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है-गडकरी
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि बजट में कृषि, ग्रामीण क्षेत्र और सभी सेक्टर्स पर ध्यान दिया गया है। 'पर्वत माला' परियोजना से पहाड़ी इलाकों में विकास होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मैं इस बजट के लिए वित्त मंत्री को बधाई देता हूं।
आम लोगों के लिए बजट में कुछ नहीं: ममता
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वर्ष 2022-23 के आम बजट को ‘पेगासस स्पिन बजट’ करार देते हुए मंगलवार को कहा कि इसमें देश के आम लोगों के लिए कुछ नहीं है। ममता ने ट्वीट किया, ‘बेरोजगारी और महंगाई से पिस रहे आम लोगों के लिए बजट में कुछ नहीं है। बड़ी-बड़ी बाते हैं और हकीकत में कुछ नहीं है। ‘पेगासस स्पिन बजट’ है।’तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डेरेक ओब्रायन ने दावा किया कि बजट से साबित होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों, गरीबों और मध्य वर्ग की परवाह नहीं करते। उन्होंने ट्वीट किया, ‘हीरे सरकार के सबसे अच्छे मित्र हैं। किसानों, मध्य वर्ग, दिहाड़ी मजदूरों, बेरोजगारों की प्रधानमंत्री परवाह नहीं करते। वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण ने लोकसभा में मंगलवार को वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश किया।
यह समावेशी बजट है-रीजीजू
रक्षा मंत्री ने बजट को सराहा
रेल मंत्री ने बताया-यह विकास वाला बजट
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि बजट 2022-23 देश का विकास करने वाला है। इससे रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और बुनियादी संरचना को मजबूती मिलेगी।
Budget 2022-23 will boost growth and employment. Capital investment in infrastructure will improve living conditions.#AatmaNirbharBharatKaBudget
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) February 1, 2022
पर्यावरण के मसले पर ज्यादा करने की जरूरत-रमेश
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि यह बजट एक तरफ जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण की सुरक्षा की बात करता है तो दूसरी ओर इसमें नदियों को जोड़ने की परियोजनाओं को नजरंदाज किया गया है। बातें अच्छी कही गई हैं। सरकार को और कदम उठाने की जरूरत है। इम मोर्चे पर मोदी सरकार ने विनाश का रास्ता चुना है।

