Akshaya Tritiya 2025 : अक्षय तृतीया को सोना खरीदने के लिए बेहद शुभ दिन माना जाता है। इस साल यह पर्व 30 अप्रैल 2025 को मनाया जा रहा है। इस मौके पर आभूषण विक्रेता अच्छी डिमांड की उम्मीद कर रहे हैं, भले ही सोने की कीमतें अब तक के उच्चतम स्तरों पर हों। उधर ग्राहकों को लुभाने के लिए सोने के मूल्य और गहने बनाने के शुल्क पर आकर्षक छूट का ऑफर कर रहे हैं। आइए जानते कौन ज्वैलर्स क्या छूट दे रहे हैं।
अक्षय तृतीया पर ये ज्वैलर्स दे रहें हैं छूट
Akshaya Tritiya 2025: प्रमुख ब्रांड्स की छूट योजना
तनिष्क, सेन्को गोल्ड, एमपी ज्वैलर्स और पीसी चंद्रा ज्वैलर्स जैसे बड़े ब्रांड इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने के लिए आकर्षक छूट प्रदान कर रहे हैं। ये ब्रांड गहनों के मेकिंग चार्ज और सोने की कीमत पर विशेष ऑफर दे रहे हैं ताकि अधिक से अधिक ग्राहक आकर्षित हो सकें।
Akshaya Tritiya 2025: ग्राहकों में विश्वास और उत्साह
अंजलि ज्वैलर्स की निदेशक अनर्घा उत्तिया चौधरी ने कहा कि इस बार सोने में उपभोक्ताओं का विश्वास पहले से कहीं अधिक है। उन्होंने बताया कि हम खरीदारी अनुभव को रोमांचक बनाने के लिए विशेष छूट दे रहे हैं।
Akshaya Tritiya 2025: शादी के गहनों में नया प्रयोग
सेन्को गोल्ड के सीईओ सुवनकर सेन ने कहा कि सोने की बढ़ती कीमतों के चलते खरीद की मात्रा घटी है, लेकिन शुभ अवसर पर खरीद की प्रवृत्ति बनी रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि वे मोती और नग का अधिक उपयोग कर गहनों की लागत को 25-30% तक घटाने की कोशिश कर रहे हैं।
Akshaya Tritiya 2025: निवेश के रूप में सोना बना मजबूत विकल्प
सोने की मांग सिर्फ पहनावे के लिए नहीं बल्कि निवेश के तौर पर भी बढ़ी है। इक्रा एनालिटिक्स की रिपोर्ट बताती है कि फरवरी 2025 में गोल्ड ईटीएफ में निवेश 98.54% बढ़कर 1,979.84 करोड़ रुपये हो गया, जो फरवरी 2024 में 997.21 करोड़ था।
गोल्ड ईटीएफ और एयूएम में भारी वृद्धि
इसी अवधि में गोल्ड ईटीएफ का एयूएम (प्रबंधन अधीन संपत्ति) भी दोगुना होकर 55,677.24 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह दर्शाता है कि सोने में डिजिटल निवेश का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है।
सोने की कीमतों में भारी उछाल
कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 9000 रुपये प्रति ग्राम के आसपास है, जो पिछले साल की तुलना में 30% अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर यही स्थिति बनी रही तो कीमतें और 5-7% तक बढ़ सकती हैं।
चांदी में भी निवेशकों की दिलचस्पी
केवल सोना ही नहीं, बल्कि चांदी भी निवेशकों को आकर्षित कर रही है। जेरोधा फंड हाउस के अनुसार जनवरी 2025 तक भारत में सिल्वर ईटीएफ का एयूएम 13,500 करोड़ रुपये पार कर गया है।
भविष्य की उम्मीदें
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनुकूल रुझानों, मजबूत निवेश मांग और त्योहारी माहौल के चलते सोने और चांदी दोनों की मांग में और तेजी देखने को मिल सकती है। (भाषा इनपुट के साथ)
