Apple, Google & Meta: ईयू एंटीट्रस्ट रेगुलेटर ने कहा है कि ऐप्पल, अल्फाबेट की गूगल और मेटा प्लेटफॉर्म की डिजिटल मार्केट एक्ट के संभावित उल्लंघनों के मामले में जांच की जाएगी। इससे संभावित रूप से इन कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। 7 मार्च से प्रभावी इस कानून में छह गेटकीपर्स को अपने प्रतिद्वंद्वियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने और यूजर्स को अधिक ऑप्शन देने के लिए निर्देशों को फॉलो करने की आवश्यकता है। नियमों के उल्लंघन के नतीजे में इन कंपनियों को अपने ग्लोबल एनुअल टर्नओवर का 10% तक जुर्माने के रूप में देना पड़ सकता है।
ऐप्पल, गूगल और मेटा की होगी जांच
किन चीजों की होगी जांच
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यूरोपीय कमीशन ने कहा है कि इसे संदेह है कि इन गेटकीपर्स द्वारा उठाए गए कदम नियमों पर पूरे नहीं उतरते। ईयू कॉम्पिटीशन एन्फॉर्सर Google Play में स्टीयरिंग पर अल्फाबेट के नियमों और Google सर्च पर सेल्फ-प्रेफेरेंसिंग, ऐप स्टोर में स्टीयरिंग पर ऐप्पल के नियमों और सफारी और मेटा के 'पेमेंट या कंसेंट मॉडल' के लिए चॉइस स्क्रीन की जांच करेगा।
कंपनियां लेने लगी हैं चार्ज
यह पूछे जाने पर कि क्या जांच में जल्दबाजी हो रही है यूरोपीय संघ के इंडस्ट्री चीफ थिएरी ब्रेटन ने कहा कि जांच में कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून कानून है। हम यूं ही बैठकर इंतजार नहीं कर सकते।
मेटा ने पिछले नवंबर में यूरोप में एड-फ्री सब्सक्रिप्शन सर्विस शुरू की थी, जिसकी प्रतिद्वंद्वियों और उपयोगकर्ताओं ने आलोचना की थी। ब्रेटन के अनुसार उसे कोई और मुफ्त ऑप्शन पेश करना चाहिए। Google और Apple ने इसी तरह कुछ सेवाओं के लिए नए शुल्क पेश किए हैं।
