ईरान संकट और प्रमुख समुद्री मार्ग होर्मुज ब्लॉकेज के बीच भारत ने कमाल कर दिया है। भारत ने आत्मनिर्भर की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए एलपीजी उत्पादन में नया रिकॉर्ड बनया दिया है। तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को आश्वस्त किया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच सरकार ने एलपीजी उत्पादन को 35,000-36,000 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 54,000 टन प्रतिदिन कर दिया है। जानकारों का कहना है कि एलपीजी का प्रोडक्शन बढ़ने से बड़ी राहत मिलेगी। गैस आपूर्ति में घरेलू उत्पाद सप्लाई को बेहतर बनाने में मदद करेगी।
एलपीजी
लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि देश में जल्द ही लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है। यह प्रतिक्रिया उन्होंने पीएम मोदी के उस बयान पर दिया, जिसमें पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बीच विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो सेवाओं का उपयोग करने, कारपूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करने, पार्सल की आवाजाही के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और वर्क फ्रॉम होम करने का सुझाव दिया था।
एलपीजी की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक व्यापार सम्मेलन में पुरी ने कहा कि एलपीजी की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं है। देश के पास 69 दिन का कच्चे तेल एवं एलएनजी तथा 45 दिन का एलपीजी भंडार मौजूद है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच एलपीजी उत्पादन को 35,000-36,000 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 54,000 टन प्रतिदिन किया गया है। तेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मितव्ययिता उपाय अपनाने की अपील को सतर्कता बरतने के संकेत के रूप में लिया जाना चाहिए और पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न राजकोषीय दबाव को कम करने के उपायों पर विचार शुरू करना चाहिए।
पीएम मोदी के बातों का गूढ़ मायने
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मितव्ययिता की अपील पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न राजकोषीय दबाव को कम करने के उपायों पर विचार शुरू करने का संकेत है। मोदी ने रविवार को कहा था कि सरकार लोगों को पश्चिम एशिया संकट के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा था कि ईंधन का विवेकपूर्ण इस्तेमाल, सोने की खरीद टालने तथा विदेश यात्राओं को स्थगित करने जैसे कदम उठाने की जरूरत है ताकि अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।
हैदराबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो का इस्तेमाल बढ़ाने, कारपूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करने, पार्सल परिवहन के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और ’वर्क फ्रॉम होम’ अपनाने की सलाह दी थी ताकि विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके।
