बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में AI का इस्तेमाल बढ़ा सकता है मुश्किलें, RBI डिप्टी गवर्नर ने क्यों कही ये बात

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की तस्वीर बदल रहा है, लेकिन इसे पूरी तरह से सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।

भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे (Swaminathan Janakiraman) ने कहा है कि सुरक्षा उपायों के बिना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अपनाने से वित्तीय क्षेत्र में मौजूदा कमजोरियां बढ़ सकती हैं और नई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। पीटीआई (भाषा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, तंजावुर स्थित एसएसएसटीआरए विश्वविद्यालय में वी नारायणन स्मृति व्याख्यानमाला में उन्होंने कहा कि एआई वित्तीय संस्थानों के ग्राहकों को सेवा देने, दस्तावेजों को प्रसंस्कृत करने, कर्ज का आकलन करने, जोखिमों की निगरानी करने और निरीक्षण को मजबूत करने के तरीकों को नया रूप दे रहा है।

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एआई का जिम्मेदारी से होना चाहिए इस्तेमाल (Photo: iStock)

एआई ऋण वितरण में सुधार करने में मददगार हो सकता है

उन्होंने शनिवार को दिए अपने व्याख्यान में कहा, "इस बदलाव की गति उल्लेखनीय है। हमारे सामने असली सवाल यह नहीं है कि एआई के इस्तेमाल से फाइनेंस अधिक बुद्धिमान हो जाएगा, बल्कि यह है कि क्या यह निष्पक्ष, जवाबदेह, समावेशी और मानवीय बना रहेगा।" उन्होंने कहा कि एआई-सक्षम प्रणालियां ग्राहक संपर्क को सरल, अधिक सहज और प्रतिक्रियाशील बना सकती हैं। यह ऋण वितरण में सुधार करने में भी मदद कर सकती है।

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