AI Will Finish 30 Crore Jobs: इस समय दुनिया भर में कर्मचारियों पर छंटनी का खतरा मंडरा रहा है। टेक्नोलॉजी सेक्टर में इस साल वैश्विक स्तर पर बहुत से लोगों की नौकरी गई है और बहुत से लोगों की जाने वाली है। अमेजन (Amazon), विप्रो (Wipro), गूगल (Google) और मेटा (Meta) छंटनी करने वाली कंपनियों में शामिल हैं। इस बीच गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) की ताजा रिपोर्ट ने और चिंता बढ़ा दी है, जिसके मुताबिक आने वाले समय में दुनिया भर में 30 करोड़ नौकरियां खत्म हो जाएंगी। आगे जानिए क्या है पूरा मामला।
एआई 30 करोड़ नौकरियां खत्म करेगा
एआई खा जाएगी नौकरियां
अमेरिकी फर्म गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि दुनिया भर में 30 करोड़ से अधिक फुल टाइम नौकरियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) या एआई (AI), जिसने चैटजीपीटी (ChatGPT) जैसे प्लेटफार्मों को जन्म दिया है, के लेटेस्ट वर्जन से किसी न किसी तरह ऑटोमैटेड किया जा सकता है। इसका साफ मतलब है कि 30 करोड़ नौकरियां खत्म हो सकती हैं। चैटजीपीटी जैसे प्लेटफॉर्म्स नौकरियों के लिए संकट की तरह हैं।
किन देशों पर पड़ेगा असर
रिपोर्ट में भविष्यवाणी की गई है कि लगभग 18 फीसदी ग्लोबल वर्क ऑटोमैटेड हो सकते हैं। यानी बड़े स्तर लोगों की नौकरी जा सकती है। एडवांस्ड इकोनॉमीज पर उभरते बाजारों की तुलना में अधिक प्रभाव पड़ने उम्मीद है।
लोगों में है डर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मिल रही सफलताओं के बाद, बहुत से लोगों में चिंता है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएंगे, क्योंकि उनकी नौकरी जा सकती है। ग्लोबल Google "Is my job safe?" सर्च हाल के महीनों में दोगुने हो गए हैं, क्योंकि लोगों को डर है कि एआई के आने से उनकी खतरे में पड़ जाएगी।
दिखने लगा है असर
कंपनियां एआई वर्कफोर्स हेडफर्स्ट में आगे बढ़ने लगी हैं। डेटा से यही बात सामने आई है, क्योंकि गिजमोडो ने चैलेंजर, ग्रे और क्रिसमस, इंक की रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि अकेले पिछले महीने यानी मई में लगभग 4,000 नौकरियों में कटौती के लिए एआई जिम्मेदार है। यानी एआई के कारण 4000 लोगों की नौकरी गई।
