बिजनेस

Adani: अब इस सेक्टर में भी झंडा गाड़ेंगे अडानी, थाइलैंड की इस कंपनी के साथ किया गठजोड़

Adani Group: कई सेक्टर में अपना लोहा मनवा चुके उद्योगपति गौतम अडानी (Gautam Adani) अब पेट्रोरसायन कारोबार दस्तक देने जा रहे हैं। अडानी ग्रुप ने इसके लिए थाइलैंड की इंडोरामा रिसोर्सेज लिमिटेड के साथ गठजोड़ किया है।

Image

पेट्रोरसायन कारोबार में प्रवेश करने की तैयारी में अडानी ग्रुप

Photo : Twitter

Adani Group: उद्योगपति गौतम अडानी (Gautam Adani) की अगुवाई वाले अडानी ग्रुप ने पेट्रोरसायन कारोबार में दस्तक देने के लिए थाइलैंड की इंडोरामा रिसोर्सेज लिमिटेड के साथ गठजोड़ किया है। बंदरगाह से लेकर ऊर्जा कारोबार से जुड़ा समूह ने संबंधित क्षेत्र में विस्तार के मकसद से यह कदम उठाया है। अदाणी एंटरप्राइजेज ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि ग्रुप की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की अनुषंगी अडानी पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ने थाइलैंड की इंडोरामा रिसोर्सेज लिमिटेड के साथ वेलोर पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (वीपीएल) नाम से ज्वाइंट वेंचर कंपनी के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली है।

ज्वाइंट वेंचर में अडानी पेट्रोकेमिकल्स और इंडोरामा की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। अडानी पेट्रोकेमिकल्स को चरणबद्ध तरीके से रिफाइनरी, पेट्रो रसायन परिसर, विशेष रसायन इकाइयों, हाइड्रोजन और संबंधित रसायन संयंत्रों और अन्य संबंधित इकाइयों को स्थापित करने के लिए गठित किया गया है। समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने 2022 में कहा था कि समूह गुजरात में पेट्रोरसायन परिसर में 4 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करना चाहता है।

कंपनी की पहली परियोजना 20 लाख टन क्षमता की पीवीसी (पॉलीविनाइल क्लोराइड) इकाई है। इसका निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। पहले चरण में 2026 तक 10 लाख टन क्षमता का पीवीसी प्लांट का विकास किया जाएगा। उसके बाद दूसरे चरण में 2027 के शुरू में इतनी ही क्षमता की इकाई चालू की जाएगी।

अमेरिकी निवेश कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट जारी होने के बाद पॉलीविनाइल क्लोराइड प्लांट के निर्माण में देरी हुई। परियोजना को वित्तीय चिंताओं के कारण मार्च 2023 में रोक दिया गया था लेकिन जुलाई 2023 में काम फिर से शुरू हुआ।

अडानी पेट्रोकेमिकल्स गुजरात के मूंदड़ा में एक पेट्रोरसायन संकुल विकसित कर रही है। इसमें पीवीसी प्लांट भी शामिल है। प्लांट के निर्माण में कुल लागत करीब 35,000 करोड़ रुपये अनुमानित है। इसके देश की सबसे बड़ी पीवीसी विनिर्माण सुविधा होने की उम्मीद है। (इनपुट भाषा)

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article