Adani Group Rejects OCCRP Allegation: अडाणी ग्रुप ने ऑर्गनाइडज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। उसका कहना है कि इसमें पुराने आरोपों को अलग तरीके से दोबारा पेश किया गया। समूह ने इसे विदेशी मीडिया के एक वर्ग द्वारा समर्थित सोरोस-वित्त पोषित हितों का एक कोशिश बताया है। इसके अलावा ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख किया है। असल में ऑर्गेनाइडज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपर्टिंग प्रोजेक्ट ने आरोप लगाया है कि प्रमोटर परिवार के साझेदारों से जुड़ी विदेशी इकाइयों के जरिए अडाणी समूह के शेयरों में करोड़ों डॉलर का निवेश किया गया।
गौतम अडानी
अडाणी ग्रुप ने कहा पुराने मामले को दोबारा पेश किया
OCCRP की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए समूह ने कहा है 'बेवकूफ हिंडनबर्ग रिपोर्ट को पुनर्जीवित करने के लिए विदेशी मीडिया के एक वर्ग द्वारा समर्थित सोरोस-वित्त पोषित हितों का एक प्रयास है। ' बयान में कहा गया है कि ये दावे एक दशक पहले बंद हो चुके मामलों पर आधारित हैं । जब राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अधिक चालान, विदेश में धन हस्तांतरण, संबंधित पक्ष लेनदेन तथा एफपीआई के जरिए निवेश के आरोपों की जांच की थी। एक स्वतंत्र निर्णायक प्राधिकारी और एक अपीलीय न्यायाधिकरण दोनों ने पुष्टि की थी कि कोई अधिक मूल्यांकन नहीं था और लेनदेन लागू कानून के तहत थे। समूह ने कहा कि मार्च 2023 में मामले को अंतिम रूप दिया गया जब भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने हमारे पक्ष में फैसला सुनाया। स्पष्ट रूप से, चूंकि कोई अधिक मूल्यांकन नहीं था, इसलिए धन के हस्तांतरण को लेकर इन आरोपों की कोई प्रासंगिकता या आधार नहीं है।
SEBI जल्द पेश कर सकती है रिपोर्ट
इसके पहले अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग ने भी अडाणी ग्रुप पर शेयरों के भाव में गड़बड़ी के साथ विदेशी इकाइयों के अनुचित उपयोग का आरोप लगाया था। जिसके बाद अडानी-हिंडनबर्ग मामले को लेकर सेबी भी जांच कर रही है। सेबी ने जां की स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दिया है। रिपोर्ट में सेबी ने कहा कि उसने 24 मामले की जांच की है जिसमें से 22 की जांच पूरी हो चुकी है और 2 मामलों की जांच फिलहाल अंतरिम स्टेज में है। इन दोनों ही मामलों में सेबी को विदेशी एजेंसियों के रिपोर्ट का इंतजार है।
