साल दर साल बढ़ती महंगाई ने शिक्षा खर्च को तेजी से बढ़ाने का काम किया है। पढ़ाई के बढ़ते बोझ ने माता-पिता को बच्चों के लिए बचत करने की सीख दी है। इसलिए इस बदलते दौर में अधिकांश पैरेंट्स अपने बचत के लिए निवेश कर रहे हैं। अगर आप भी अपने बच्चे के बेहतर भविष्य के निवेश करना चाहते हैं तो हम आपको 4 सरकारी स्कीम के बारे में बता रहे हैं। सरकारी गारंटीड प्राप्त ये स्कीम आपको बिना जोखिम लिए शानदार रिटर्न दिलाने का काम करेंगे। आइए सभी स्कीम के बारे में विस्तार से जानते हैं।
चाइल्ड इन्वेस्टमेंट प्लान
नेशनल पेंशन सिस्टम वात्सल्य
NPS वात्सल्य खास तौर पर नाबालिगों के लिए है, जिससे माता-पिता अपने बच्चे का फाइनेंशियल भविष्य सुरक्षित कर सकें। इसे पेंशन फंड रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (PFRDA) रेगुलेट और मैनेज करती है, और इस पर 9.5% से 10% के बीच ब्याज मिलता है।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- निवेश की सीमा: इसमें हर साल कम से कम ₹1,000 जमा करने होते हैं। कोई ऊपरी सीमा नहीं है।
- लॉक-इन पीरियड: इस स्कीम में अकाउंट खोलने की तारीख से 3 साल का अनिवार्य लॉक-इन पीरियड होता है।
- रिस्क: सरकारी गारंटी के कारण कोई रिस्क नहीं।
- टैक्स छूट: NPS वात्सल्य में ₹1.5 लाख तक जमा की गई रकम पर माता-पिता/अभिभावक को इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 80CCD(1B) के तहत टैक्स में छूट मिलती है। इसके अलावा, माता-पिता या अभिभावक ₹50,000 की अतिरिक्त कटौती का दावा भी कर सकते हैं।
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC)
पोस्ट ऑफिस की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) एक प्रमुख और सुरक्षित निवेश योजना है। एक NSC अकाउंट कोई भी वयस्क अपने लिए या किसी नाबालिग (18 वर्ष से कम आयु) की ओर से खोल सकता है। 10 वर्ष या उससे अधिक आयु के नाबालिग भी यह खाता खोल सकते हैं। इस सेविंग स्कीम पर वर्तमान में 7.7% प्रति वर्ष की ब्याज दर मिल रही है, जिसे वित्त मंत्रालय द्वारा हर तीन महीने में संशोधित किया जाता है।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- निवेश की सीमा: ₹1,000 (कोई अधिकतम सीमा नहीं)।
- लॉक-इन अवधि: 5 वर्ष।
- जोखिम प्रोफ़ाइल: सॉवरेन गारंटी (शून्य बाज़ार जोखिम)।
- टैक्स छूट: 80सी के तहत ₹1.5 लाख तक की कटौती का दावा कर सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
अगर आपकी बेटी है तो उसके नाम सुकन्या समृद्धि खाता खोल सकते हैं। इस स्कीम के नियमों के मुताबिक, बच्ची के माता-पिता या कानूनी अभिभावक खाता खोल सकते हैं। जब बच्ची 18 साल की हो जाती है, तो वह कुछ दस्तावेज जमा करके खाते का कंट्रोल अपने हाथ में ले सकती है। इस स्कीम पर अभी 8.1% की दर से ब्याज मिल रही है।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- निवेश की सीमा: न्यूनतम वार्षिक योगदान ₹250 है और एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम योगदान ₹1.5 लाख है।
- लॉक-इन अवधि: 21 वर्ष या बच्ची की शादी होने तक (जब वह 18 वर्ष की हो जाए), जो भी पहले हो।
- टैक्स छूट: इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत, एक वित्तीय वर्ष में SSY खाते में निवेश किए गए ₹1.50 लाख तक की राशि पर टैक्स छूट मिलती है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) लंबी अवधि के लिए एक लोकप्रिय और कम जोखिम वाला निवेश विकल्प है। भारत का कोई भी निवासी PPF में निवेश शुरू कर सकता है। बच्चों या नाबालिग आवेदकों के लिए, माता-पिता या अभिभावक एक संयुक्त PPF खाता खोल सकते हैं, जिसे खाताधारक के 18 वर्ष का हो जाने पर बदला जा सकता है। अभी पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर ब्याज दर 7.1% सालाना है, जिसे हर तीन महीने में बदला भी जाता है।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- निवेश की सीमा: इसमें हर फाइनेंशियल साल में कम से कम ₹500 जमा करने होते हैं। अधिकतम ₹1.5 लाख तक निवेश कर सकते हैं।
- लॉक-इन पीरियड: 15 साल। इसे आप अपनी मर्जी से 5-5 साल के ब्लॉक में कितनी भी बार बढ़ा सकते हैं।
- रिस्क प्रोफाइल: सरकारी गारंटी (बाज़ार का कोई रिस्क नहीं)।
- टैक्स फायदा: यह स्कीम EEE (Exempt-Exempt-Exempt) टैक्स कैटेगरी में आती है। इसका मतलब है कि कोई भी निवेशक इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत, एक फाइनेंशियल साल में SSY अकाउंट में निवेश किए गए ₹1.50 लाख तक की रकम पर इनकम टैक्स में छूट का दावा कर सकता है।
