CAPA India On Aviation Sector: एविएशन कंसल्टेंसी फर्म कापा इंडिया (CAPA India) ने अपना मिड-ईयर आउटलुक जारी किया है। कापा ने अपने अनुमानों में कहा है कि भारतीय एविएशन इंडस्ट्री के 200 विमान वित्त वर्ष 2023-24 के अंत तक जमीन पर खड़े हो सकते हैं। यानी 200 विमान ऐसे होंगे जो उड़ान नहीं भर पाएंगे।
200 विमान जमीन पर खड़े होंगे
जमीन पर खड़े या ग्राउंडेड विमानों में सबसे अधिक भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (Indigo) के हो सकते हैं। इंडिगो के 90 से अधिक विमानों के ग्राउंड पर खड़े होने की संभावना है। इसके बाद टाटा ग्रुप की एयर इंडिया (Air India) और स्पाइसजेट (Spicejet) के प्रत्येक 25-30 विमान इसमें शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, मई में उड़ानें निलंबित करने के बाद से गो फर्स्ट के पहले से ही 54 विमान जमीन पर ही हैं।
कितने यात्री भरेंगे उड़ान
कापा का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में 15.5 करोड़ घरेलू और 7 करोड़ अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के फ्लाइट से ट्रेवल करने की उम्मीद है। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के अनुसार, 2022-23 (अप्रैल-मार्च) में भारतीय हवाई अड्डों पर 5.7 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्री रजिस्टर हुए और घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 13.6 करोड़ रही।
सप्लाई चेन में अड़चन
कापा इंडिया ने कहा है कि सप्लाई चेन अब एक गंभीर मुद्दा है, और ये अनुमान से अधिक प्रभावी हो सकता है। मार्च तक भारत में वेट लीज़ विमानों की संख्या लगभग 30 हो सकती है क्योंकि इंडिगो और स्पाइसजेट इस मॉडल पर नए विमान शामिल कर रहे हैं जिसके तहत एक विमान को चालक दल के साथ पट्टे यानी लीज पर लिया जाता है।
हवाई किराए के मामले में, कापा ने कहा कि कैपेसिटी में कमी के बावजूद सामान्य स्थिति बन रही है। सितंबर तिमाही में औसत किराए में साल दर साल 12.7% की गिरावट आई और मार्च तिमाही में इसमें कुछ और कमी आने की उम्मीद है।
