पुरानी गाड़ी बेचने के 6 महीने में ओनरशिप ट्रांसफर नहीं हुई, तो सीधे डीलर के नाम होगी Car! जल्द बदलने जा रहे नियम

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पुरानी गाड़ियों की बिक्री और ओनरशिप ट्रांसफर को लेकर नए नियमों का ड्राफ्ट तैयार किया है। प्रस्तावित नियम पुरानी गाड़ियों को लेकर जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम हो सकते हैं।

अगर आप भी अपनी पुरानी कार (Used Car) किसी डीलर या सेकंड हैंड कार प्लेटफॉर्म को बेचने की योजना बना रहे हैं तो यह जानकारी आपके लिए और भी जरूरी हो जाती है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने पुराने वाहनों की बिक्री और ओनरशिप ट्रांसफर (Used car ownership transfer) को लेकर नए नियमों का ड्राफ्ट तैयार किया है। इन नए नियमों को लाने का उद्देश्य पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। इसी के साथ, नए नियम लंबे समय तक पुराने मालिक के नाम पर चलने वाली गाड़ियों से जुड़ी परेशानियों को भी खत्म कर देंगे।

New Rules for Used Car Sales and Ownership Transfers (1)

पुरानी गाड़ी बेचने के बदलने जा रहे हैं जल्द नियम (Photo: iStock)

लंबे समय तक पुराने मालिक के नाम नहीं रहेगी गाड़ी

ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक, अगर कोई पुरानी गाड़ी डीलर के पास बेचने के लिए छोड़ी जाती है और 6 महीने के अंदर वह किसी नए खरीदार के नाम ट्रांसफर नहीं होती है, तो वाहन की ओनरशिप अपने आप डीलर के नाम ट्रांसफर हो सकती है। यानी लंबे समय तक गाड़ी पुराने मालिक के नाम पर रहने की स्थिति खत्म करने की तैयारी की जा रही है।

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